गरमपानी: 70 से ज्यादा परिवार एक किमी दूर से सिर पर पानी ढोने को मजबूर
गरमपानी, अमृत विचार। गांवों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा है। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गंगौरी गांव में हालात और विकट हैं। दिल्ली व अन्य शहरों से छुट्टियां बिताने गांव पहुंचे प्रवासी भी पानी ढोने को मजबूर हैं। गांव के हालात देख लोगों में गहरा रोष है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द …
गरमपानी, अमृत विचार। गांवों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा है। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गंगौरी गांव में हालात और विकट हैं। दिल्ली व अन्य शहरों से छुट्टियां बिताने गांव पहुंचे प्रवासी भी पानी ढोने को मजबूर हैं। गांव के हालात देख लोगों में गहरा रोष है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो फिर गांव के लोगों को साथ लेकर अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर धरना शुरू किया जाएगा।
ग्रीष्मावकाश में दिल्ली मुंबई व अन्य शहरों में रहने वाले प्रवासी इन दिनों गांव पहुंचे हैं पर गांव पहुंचकर प्रवासियों को पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। हाईवे पर स्थित गंगौरी गांव पहुंचे प्रवासियों के आगे पेयजल संकट बड़ी समस्या बन चुका है। गांव से करीब एक किमी दूर स्थित मर्नसा क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोत से पानी सिर पर रख गांव तक पहुंचाना मजबूरी बन चुका है। मवेशियों को भी पानी के लिए दूर तक ले जाना पड़ रहा है।
वहीं गांव के लोग कोसी नदी पर जान जोखिम में डाल नहाने को मजबूर हैं। स्थानीय अर्जुन कुमार, पूजा, अनीता देवी, गंगा देवी, हीरा देवी, रमेश राम, राधिका देवी के अनुसार कई बार गांव में पेयजल व्यवस्था सुधार की मांग उठाई जा चुकी है पर संबंधित विभाग गांव की उपेक्षा पर आमादा है। दो टूक चेतावनी दी है कि यदि यही हालात रहे तो फिर गांव के लोगों को साथ लेकर अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।
