पीलीभीत: माला रेंज में छोड़ा गया फरीदपुर रेंज से रेस्क्यू भालू्
अमृत विचार, पीलीभीत। फरीदपुर रेंज के गांव पिपरथरा से रेस्क्यू किए गए भालू को पांचवें दिन माला रेंज में छोड़ दिया गया। भालू के चोटिल होने के कारण पीटीआर में ही उसका इलाज चल रहा था। बरेली जनपद की फरीदपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले पिपरथरा गांव में चार जून की सुबह एक केले के …
अमृत विचार, पीलीभीत। फरीदपुर रेंज के गांव पिपरथरा से रेस्क्यू किए गए भालू को पांचवें दिन माला रेंज में छोड़ दिया गया। भालू के चोटिल होने के कारण पीटीआर में ही उसका इलाज चल रहा था। बरेली जनपद की फरीदपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले पिपरथरा गांव में चार जून की सुबह एक केले के खेत में भालू को दौड़ते हुए देखा था। केले में खेत में भालू होने की जानकारी पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलने के बाद चीफ कंजर्वेटर ललित वर्मा मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए भालू को रेक्स्यू करने का निर्णय लिया। भालू को रेस्क्यू करने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व की रैपिड रेस्पांस टीम को बुलाया गया। सूचना पर रैपिड रेस्पांस टीम में शामिल उप प्रभागीय वनाधिकारी माला सत्यपाल प्रसाद, पीटीआर के पशु चिकित्साधिकारी डा. दक्ष गंगवार शुक्रवार मौके पर पहुंच गए। केले के खेत के चारों ओर जाल लगाया गया।
दोपहर बाद डा. दक्ष गंगवार ने सफलता पूर्वक भालू को ट्रैंक्यूलाइज किया। उच्चाधिकारियों ने रेस्क्यू किए गए भालू को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ने के निर्देश दिए गए। भालू को चार जून की शाम हो पीटीआर लगाया गया। जहां भालू के परीक्षण के दौरान उनके चोटिल होने की बात सामने आई।
जिस पर डिवीजन कार्यालय में पशु चिकित्साधिकारी डा. दक्ष गंगवार द्वारा चोटिल भालू का इलाज शुरू किया गया। इधर, पांचवें दिन यानी बुधवार शाम भालू के स्वस्थ होने पर माला रेंज में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस दौरान पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी सत्यपाल प्रसाद, कपिल कुमार, क्षेत्रीय वनाधिकारी रामजी समेत माला रेंज का स्टाफ मौजूद रहा।
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