रुद्रपुर: ई-राशन कार्ड बनाने का काम दिलाने के नाम पर 38 लाख हड़पे
रुद्रपुर, अमृत विचार। ई-राशन कार्ड बनाने का झांसा देकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशकों ने 38 लाख रुपये हड़प लिये। इस दौरान आरोपियों ने उसका कार्य आवंटित होने के फर्जी दस्तावेज भी दिखाये। पीड़ित ने आरोपियों पर यूपी की एक स्थानीय पार्टी के जुड़े होने का हवाला देते हुए दबंगई दिखाने का आरोप भी लगाया। …
रुद्रपुर, अमृत विचार। ई-राशन कार्ड बनाने का झांसा देकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशकों ने 38 लाख रुपये हड़प लिये। इस दौरान आरोपियों ने उसका कार्य आवंटित होने के फर्जी दस्तावेज भी दिखाये। पीड़ित ने आरोपियों पर यूपी की एक स्थानीय पार्टी के जुड़े होने का हवाला देते हुए दबंगई दिखाने का आरोप भी लगाया। मामले में पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
आवास विकास स्थित जीविका इंटरप्राइजेज के स्वामी अक्षय गाबा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अगस्त 2019 में एक निजी होटल में उसकी मुलाकात ज्ञान प्रकाश सिंह नाम के एक व्यक्ति से हुई। जिसने अपने आप को लखनऊ की युवाशक्ति कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का निदेशक बताया। साथ ही विश्व प्रकाश सिंह और प्रमोद कुमार सिंह को भी कंपनी का निदेशक बताते हुये मुलाकात कराई।
उसने बताया कि उसका उत्तराखंड व उत्तरप्रदेश में एम टेक महिंद्रा नाम की कंपनी के साथ ई-राशन कार्ड बनाने का अनुबंध हुआ है। उसने अनुबंध के फर्जी कागजात भी दिखाये। अक्षय के अनुसार, इस पर उसने विश्वास करते हुये कार्य करने की इच्छा जताई। जिस पर आरोपी व्यक्ति ने ऊधमसिंह नगर और यूपी के कुछ जिलों में कार्य करने का प्रस्ताव दिया।
24 सितंबर 2019 को उसकी और पीड़ित की फर्म के बीच एक अनुबंध हो गया। साथ ही सिक्योरिटी के रूप में ज्ञान प्रकाश ने पांच लाख रुपये की मांग की। तो पीड़ित ने अलग-अलग तिथियों में उनके खाते में जमा करा दिया। उसके बाद आरोपी व्यक्ति ने मशीनरी व अन्य खर्चों के रूप में पैसे मांगे। जिस पर पीड़ित ने कुल मिलाकर 38 लाख रुपये उनके बताये खाते में जमा करा दिये।
उसके बाद कंपनी के निदेशकों ने पीड़ित को न तो कोई डाटा व मशीन उपलब्ध कराई और न ही रुपये वापस किये। मांगने पर वह टहलाते रहे और जान से मारने की धमकी दी। गाबा ने बताया कि उसने जब जांच की तो पता चला कि एम टेक महिंद्रा ने इन लोगों को पूर्व में ही अखबार में नोटिस देकर उनके साथ किसी भी तरह के अनुबंध न होने की बात बताई। जानकारी करने पर पता चला कि इन लोगों के खिलाफ पूर्व में हल्द्वानी में भी धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। इसके अलावा पीड़ित ने उनके बताये गये कंपनी का पता यूपी के एक सपा नेता के नाम होने और रुपये जमा कराये गये खाताधारकों पर भी धोखाधड़ी में शामिल होने का शक जताया है। पुलिस ने तहरीर अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी है।
