मुरादाबाद : जिला महिला अस्पताल में पहली बार गर्भवती की कॉस्मेटिक सर्जरी
मुरादाबाद,अमृत विचार। जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को आधुनिक आपरेशन थिएटर में पहली बार आपरेशन कॉस्मेटिक सर्जरी और दूरबीन विधि से नसबंदी की गई। चिकित्सकों ने बताया कि इस विधि से की गई नसबंदी में कोई दर्द भी नहीं होगा। महिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में गर्भवती महिलाओं की कॉस्मेटिक सर्जरी शुरू होने से अब …
मुरादाबाद,अमृत विचार। जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को आधुनिक आपरेशन थिएटर में पहली बार आपरेशन कॉस्मेटिक सर्जरी और दूरबीन विधि से नसबंदी की गई। चिकित्सकों ने बताया कि इस विधि से की गई नसबंदी में कोई दर्द भी नहीं होगा। महिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में गर्भवती महिलाओं की कॉस्मेटिक सर्जरी शुरू होने से अब प्रसव के बाद टांके का निशान रह जाने से महिलाओं को परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर (ओटी) भी तैयार किया गया है। इसमें गर्भवती महिला को चिकित्सक के परामर्श से आपरेशन से बच्चा होने के बाद यह सुविधा मिलेगी, जबकि इमरजेंसी वाले मामले में यह सुविधा नहीं मिलेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि डॉ. पारूल सिंह, डॉ. नीतू वर्मा की टीम इस कार्य को कर रही है। अब तक सिजेरियन के बाद गर्भवती के पेट पर टांके के निशान दिखते थे, लेकिन अब आधुनिक कास्मेटिक सर्जरी के माध्यम से केवल एक टांके का ही निशान दिखाई देगा। पहले दिन डॉ. पारुल सिंह, एनेस्थेटिक डॉ. रनवीर सिंह, पीडियाट्रिक डॉ. अंशुमनी, ओटी स्टाफ गणपत और गौरव गुप्ता की देखरेख में कॉस्मेटिक सर्जरी हुई।
नर्स मेंटर नैंसी सिंह ने बताया कि दूरबीन विधि से नसबंदी शुरू कराने के लिए गुणवत्ता सर्कल की बैठक में वरिष्ठ परिवार नियोजन विशेषज्ञ टीएसयू मीरा गौतम की ओर से प्रयास किए गए थे। जिस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका ने पहल को मंजिल तक पहुंचाकर पहले दिन दूरबीन विधि से जनरल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार ने नसबंदी करने में सफलता हासिल की।
सोनम सैनी की हुई पहली कॉस्मेटिक सर्जरी
जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन के साथ ही पहली कॉस्मेटिक सर्जरी गर्भवती सोनम सैनी ने कराई। उन्होंने बताया कि उनके गर्भावस्था के नौ महीने पूरे होने पर कोई दर्द नहीं हो रहा था। उन्होंने चिकित्सक से परामर्श के बाद सिजेरियन डिलीवरी का फैसला लिया और कॉस्मेटिक सर्जरी की जानकारी भी। जिस पर उन्होंने और परिवार के सदस्यों ने रजामंदी जताई। वहीं, दूरबीन विधि से नसबंदी कराने वाली पहली महिला अंजली सिंह ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके दो बच्चे हैं। जिसके चलते उन्होंने दूरबीन विधि से नसबंदी की सुविधा का लाभ लेने का निर्णय लिया। इस नई तकनीक से आसानी से नसबंदी हो गई।
अब नई बिल्डिंग में ही भर्ती होंगी गर्भवती महिलाएं
अब अस्पताल में गर्भवती की भर्ती पुरानी बिल्डिंग के बजाए नई बिल्डिंग में की जा रही है। सुबह की शिफ्ट में जो भी गर्भवती महिलाएं आएंगी, उनको इसी नई बिल्डिंग में भर्ती किया जा रहा है। किसी गर्भवती को चक्कर आने, डिलीवरी से पहले ब्लीडिंग होने जैसी समस्या होगी तो उन्हें नई बिल्डिंग में ही भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इमरजेंसी और नार्मल डिलीवरी अभी पुराने अस्पताल में ही होगी।
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