हल्द्वानी: पॉलीथिन पर प्रतिबंध, व्यापारियों को नहीं मिलेगा समय
हल्द्वानी,अमृत विचार। पॉलीथिन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। फैक्ट्रियों या दुकानों में यदि सिंगल यूज प्लास्टिक नजर आती है तो उन पर तय जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। साथ ही व्यापारियों को अब कोई समय नहीं दिया …
हल्द्वानी,अमृत विचार। पॉलीथिन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। फैक्ट्रियों या दुकानों में यदि सिंगल यूज प्लास्टिक नजर आती है तो उन पर तय जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। साथ ही व्यापारियों को अब कोई समय नहीं दिया गया है।
नगर निगम में नगर आयुक्त कार्यालय में वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह जानकारी व्यापारियों को दी गई। शुक्रवार को बैठक में व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और प्लास्टिक विक्रेता संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को नगर निगम में बुलाया गया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि 75 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक उत्पादों की बिक्री व उसके प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा चुका है। 30 जून से ही इसे प्रभावी कर दिया गया है। बैठक में बताया गया कि पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापार मंडल सहित हर नागरिक इसका कड़ाई से पालन करे।
इस दौरान व्यापारियों ने समय मांगा, लेकिन उन्हें सीधे मना कर दिया गया। व्यापारियों को बताया गया कि नियमों के बारे में पूर्व से ही सभी को जानकारी है। इसलिए अब समय नहीं दिया जा सकता। पॉलीथिन मिलने पर मैन्यूफेक्चरर पर पांच लाख, डस्ट्रीब्यूटर पर दो लाख, होल सेलर्स पर एक लाख व अन्य पर अलग-अलग जुर्माना तय है। बैठक में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, प्रांतीय उद्योग नगर व्यापार मंडल, देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल, प्लास्टिक विक्रेता संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बारिश में भी आफत बनती है प्लास्टिक
पॉलीथिन और प्लास्टिक का प्रयोग बारिश में भी बड़ी आफत बनकर सामने आती है। लोग उसे यूं ही सड़क पर फेंक देते हैं। इससे वह नाले, नालियों और नहरों में जाकर इकट्ठा हो जाती हैं। बारिश में जब नाले-नहरों में बहाव आता है तब प्लास्टिक के कारण ओवर फ्लो की समस्या बढ़ जाती है और जल भराव का संकट पैदा हो जाता है।
नहीं रख सकते इन्हें
प्लास्टिक स्टिक युक्त ईयर बड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडिया, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम की डंडियां, थर्माकोल की सजावटी सामग्री, प्लास्टिक की प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, स्ट्रॉ, ट्रे, कटलरी मिठाई के डब्बों में लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट, सौ माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टीकर आदि।
प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। कहीं भी इसका प्रयोग होता दिखता है तो फौरन कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों से लेकर हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पॉलीथिन प्लास्टिक का प्रयोग न करें और पर्यावरण को दूषित होने से बचाएं। – डॉ. मनोज कांडपाल, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी
