खटीमा: बाघों की गणना को गई थी टीम हो गया हाथियों के झुंड से सामना
खटीमा, अमृत विचार। तराई के वन्य जीवों के लिए प्रमुख उप खंड के किलपुरा वन रेंज में हाथियों के झुंडों का विचरण तेज हो गया है। हाथी झुंड के विचरण से वन कर्मियों को जंगल में लगे दो दर्जन कैंमरों की जांच में भी दिक्कत आ रही है। रविवार को वन विभाग की टीम का …
खटीमा, अमृत विचार। तराई के वन्य जीवों के लिए प्रमुख उप खंड के किलपुरा वन रेंज में हाथियों के झुंडों का विचरण तेज हो गया है। हाथी झुंड के विचरण से वन कर्मियों को जंगल में लगे दो दर्जन कैंमरों की जांच में भी दिक्कत आ रही है। रविवार को वन विभाग की टीम का कंपटमेंट 32 के पास हाथी झुंड से सामना हो गया। रेंजर जीवन चंद्र उप्रेती ने बताया कि रेंज में एक बड़े झुंड में 12-13 हाथी, दूसरे झुंड में दो हाथी व तीसरे में अकेला हाथी है। जिसको आबादी से सटे जंगल से हटाने में वन कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
बता दें कि वन्य जीवों के लिए प्रमुख किलपुरा रेंज में हाथियों के हमलावर होने की घटनाएं पूर्व में प्रकाश में आ चुकी हैं। जिसमें कई ग्रामीण अपनी जान गवां चुके हैं। रेंज में हाथियों के अधिक विचरण पर वन कर्मी अलर्ट हो जाते हैं। रेंज एक ओर हल्द्वानी के जंगल से लगा है। रेंज से होकर हाथी झुंडों का अन्य रेंजों को विचरण होता है।
ताजा मामले में पिछले कुछ समय से रेंज के हाथी आबादी से सटे चटिया गांव की सीमा तक पहुंच रहे थे। इसके बाद से ही वन कर्मी तैनात हैं। रेंजर उप्रेती ने बताया कि रेंज में बाघ गणना के लिए दो दर्जन कैमरे लगे हैं। इन कैमरों को देखने के लिए टीम जाती है। रविवार को सुबह गणना में लगी टीम कंपार्टमेंट 32 के पास लगे कैमरों की जांच में गई थी कि हाथी झुंड से सामना हो गया। बमुश्किल टीम वहां से निकल पाई। बताया कि वन कर्मियों को हाथी झुंडों को आबादी से आने से रोकने के लिए तैनात किया गया है। साथ ही ग्रामीणों से जंगल में अधिक अंदर तक जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
