मुरादाबाद : 199 लाख की लागत से बना बर्न प्लास्टिक सर्जरी विभाग दिखावा
मुरादाबाद,अमृत विचार। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला पुरुष अस्पताल में 199 लाख रुपए की लागत से बने बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में अभी तक मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया है। हालांकि भवन का लोकार्पण 15 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पहले कार्यकाल के दौरान कर चुके हैं। मगर अभी तक इसमें जले …
मुरादाबाद,अमृत विचार। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला पुरुष अस्पताल में 199 लाख रुपए की लागत से बने बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में अभी तक मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया है। हालांकि भवन का लोकार्पण 15 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पहले कार्यकाल के दौरान कर चुके हैं। मगर अभी तक इसमें जले मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है।
मंडल मुख्यालय के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर रखने का दावा कागजों तक सिमटा है। जिला पुरुष अस्पताल में जहां ट्रामा सेंटर निरर्थक साबित हो रहा है। वहीं 199 लाख रुपए की लागत से बने बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भी अब तक मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो पाया है। इस यूनिट के लिए प्लास्टिक सर्जन व ईएमओ आदि की तैनाती ही नहीं की गई है। इसके प्रथम तल पर प्री व पोस्ट आपरेशन थिएटर आदि का निर्माण पूरा हो चुका है। उपकरणों को इंस्टाल किया जाना है। कई कमरों में मरीज भर्ती करने के लिए बेड भी लगा दिए हैं। फर्नीचर आदि के काम को भी निपटाया जा रहा है।

अस्पताल प्रशासन इसमें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने वाले बर्न के मरीजों को ही शिफ्ट करना चाहता है। मगर असल दिक्कत मरीजों के भर्ती होने के बाद तब आएगी जब उनकी देखभाल के लिए ईएमओ आदि भी जल्दी नहीं पहुंच पाएंगे। क्योंकि इमरजेंसी वाले भवन में बर्न वार्ड के मरीजों को देखने के लिए अलग से स्टाफ नहीं था। वहीं का स्टाफ ऐसे मरीजों की निगरानी व चिकित्सा करते थे। अब अलग भवन में इन मरीजों को यदि शिफ्ट किया जाता है तो इलाज में अड़चन आनी तय है।
कोविड टीकाकरण के लिए किया जाता है प्रयोग
इस भवन का प्रयोग कोविड टीकाकरण के लिए किया जाता है। 16 जनवरी 2021 से ही इस भवन में कोविडरोधी टीका लगाने के लिए इंतजाम किए गए हैं जो अभी भी जारी है। हालांकि पहले इसके लिए चार कमरे दिए गए थे। अब केवल दो कमरों में ही टीकाकरण हो रहा है।
जिला पुरुष अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक, डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि प्लास्टिक सर्जन एवं बर्न रोग विशेषज्ञ व इस यूनिट के लिए ईएमओ व अन्य स्टाफ की तैनाती शासन से अब तक नहीं की गई है। जिससे इस यूनिट को क्रियाशील करने से फिलहाल कोई फायदा नहीं है। इस भवन में अन्य इंतजाम करा रहे हैं, जैसे ही चिकित्सक व स्टाफ की तैनाती होगी, मरीजों का इलाज शुरू करा देंगे।
ये भी पढ़ें : अमृत विचार अभियान : नियमों को ठेंगा दिखा रहे हाईवे से सटे स्कूल, एक-दूसरे के सिर ठीकरा फोड़ने में जुटे अधिकारी
