नैनीताल-भीमताल के लिए बन रहे मास्टर प्लान में मिली खामियां, आयुक्त ने जताई नाराजगी
नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल-भीमताल के लिए बन रहे नये मास्टर प्लान 2041 में खामियां मिलने से कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत काफी नाराज दिखे। उन्होंने मास्टर प्लान को नैनीताल में बढ़ने वाली जनसंख्या के अनुरूप बनाने के लिए कहा। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और लोगों के लिए सुविधाओं के अनुरूप आंकड़ों का सही आकलन कर मास्टर …
नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल-भीमताल के लिए बन रहे नये मास्टर प्लान 2041 में खामियां मिलने से कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत काफी नाराज दिखे। उन्होंने मास्टर प्लान को नैनीताल में बढ़ने वाली जनसंख्या के अनुरूप बनाने के लिए कहा। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और लोगों के लिए सुविधाओं के अनुरूप आंकड़ों का सही आकलन कर मास्टर प्लान में सुधार के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को राज्य अतिथि गृह में जिले भर के अधिकारियों के साथ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बैठक का आयोजन किया। इसमें नैनीताल-भीमताल, मुक्तेश्वर व आसपास के क्षेत्रों के लिए वर्ष 2041 तक पर्यटन समेत बढ़ती आबादी के आधार पर बनाये गए नये मास्टर प्लान पर चर्चा की गयी। नागपुर की संस्था मैसर्स क्रिएटिव कंपनी द्वारा मास्टर प्लान की रूपरेखा प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत की गई जिसमें कुमाऊं आयुक्त ने सुधारीकरण के निर्देश देकर सर्वे ठीक से करने के लिए कहा।
आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि नैनीताल का मास्टर प्लान 2011 में समाप्त हो गया था। जिसके बाद अमृत योजना के तहत नया प्लान जी आईएस आधारित मास्टर प्लान बनाने का जिम्मा नागपुर की संस्था मैसर्स क्रिएटिव को दिया गया। जिसने नैनीताल, भवाली, भीमताल,सातताल, मुक्तेश्वर क्षेत्र तक प्रथम चरण का टाउन प्लान बना लिया गया है। हालांकि टाउन प्लान में कुछ खामियां हैं। जिनमें सुधार की आवश्यकता है और प्लान बनाने वाली कंपनी को प्लान में सुधारीकरण के निर्देश देते हुए बढ़ती जनसंख्या के आधार पर टाउन प्लान तैयार करने को कहा है।
बैठक के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने कंपनी को निर्देश दिए कि नैनीताल समेत आसपास के क्षेत्र में बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए नई कार पार्किंग विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए कस्बे में अधिक से अधिक लैंड यूज़ से जुड़ी जानकारी को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे में अधिक से अधिक भूमि चिन्हित की जाए, जिससे भविष्य के लिए बेहतर प्लान तैयार किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, सचिव जिला विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, सहयुक्त नियोजक हरि शंकर बिष्ट, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता केएस चौहान, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विपिन चंद्र, पीके गुप्ता आदि रहे।
