गरमपानी: बीमा कंपनियों पर किसानों को ठगने का आरोप

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गरमपानी, अमृत विचार। पर्वतीय क्षेत्र के किसानों का कोई सुध लेवा नहीं है। आपदा में बर्बाद हुई फसल का सरकार से अब तक कोई मुआवजा नहीं मिल सका है दूसरी और बीमा कंपनियों ने किसानों को चौपट फसल का बीमा उपलब्ध ना करा जख्म हरे कर दिए हैं। उपेक्षा पर किसानों में भारी नाराजगी है। …

गरमपानी, अमृत विचार। पर्वतीय क्षेत्र के किसानों का कोई सुध लेवा नहीं है। आपदा में बर्बाद हुई फसल का सरकार से अब तक कोई मुआवजा नहीं मिल सका है दूसरी और बीमा कंपनियों ने किसानों को चौपट फसल का बीमा उपलब्ध ना करा जख्म हरे कर दिए हैं। उपेक्षा पर किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों ने नुकसान का उचित मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

बेतालघाट तथा रामगढ़ ब्लाक के तमाम गांवो के कास्तकार लगातार हो रहे नुकसान से निराश है। पहले ही अक्टूबर में हुई मूसलाधार बारिश ने किसानो की फसल को चौपट कर दिया खेतो में मलबा भरने से खेत रोखड़ में तब्दील हो गए। सब कुछ ठिक होने की उम्मीद ले किसानो ने दोबारा हाड़तोड़ मेहनत कर खेतो को दुरुस्त कर बुआई की बीमा कंपनियों से उपज का बीमा भी कराया पर ठिक समय पर बारिश न होने से तमाम गांवो में उपज चौपट हो गई।

सुयालबाडी़ क्षेत्र के किसान तारा दत्त जोशी ने आरोप लगाया की फसल चौपट होने के बावजूद बीमा कंपनियों ने खराब हुई फसल का बीमा किसानो को नही दिया। तारा दत्त जोशी, पंकज भट्ट, रमेश कुमार, हरीश कुमार, शेखर दानी, कृपाल सिंह आदि किसानो ने बीमा कंपनियों पर किसानो को ठगने का आरोप लगाया है। किसानो ने मामले की जांच कर किसानो को नुकसान का उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।

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