बरेली: फीस वृद्धि करने वाले निजी स्कूलों को चिह्नित कर बनेगी सूची, आदेश जारी
बरेली, अमृत विचार। जिला शुल्क समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में हुई , जिसमें सभी पदेन सदस्य व नामित सदस्य उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में डीआईओएस ने सभी समिति सदस्य को शुल्क विनियम 2018 से अवगत कराया। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने फीस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कानून के तहत शैक्षिक …
बरेली, अमृत विचार। जिला शुल्क समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में हुई , जिसमें सभी पदेन सदस्य व नामित सदस्य उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में डीआईओएस ने सभी समिति सदस्य को शुल्क विनियम 2018 से अवगत कराया। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने फीस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कानून के तहत शैक्षिक सत्र के प्रारंभ होने से 30 दिन पहले स्कूल को अपनी वेबसाइट पर फीस का पूरा ब्यौरा अपलोड करना होता है।
जिसके बाद यदि कोई विरोध या शिकायत होती है तो उसका निस्तारण शुल्क समिति करती है, लेकिन इस शैक्षिक वर्ष में विद्यालयों ने मई के महीने में जो कि शैक्षिक वर्ष का मध्य होता है, उसमें अपनी फीस वृद्धि की जो इस अधिनियम का उल्लंघन है।
अतः ऐसे स्कूलों के खिलाफ समिति को कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही बढ़ी हुई फीस वापस करनी चाहिए । जिससे समिति पर अभिभावकों का विश्वास बना रहे। सीए मनोज मंगल ने कहा कि बीते 3 वर्ष की सभी आय व्यय की जानकारी विद्यालय को समिति को उपलब्ध करानी है। जिससे यह जांच की जा सके कि कोरोना काल में बंद विद्यालयों के खर्च कितने थे और यदि वह खर्च अन्य सालों के मुकाबले कम रहे तो फीस वृद्धि की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी ।
साथ में यह भी कहा कि स्कूल को किसी भी प्रकार की पोशाक 5 साल से पहले बदलने की अनुमति नहीं है और यदि स्कूल को ऐसा लगता है कि पोशाक बदली जाए तो पहले जनपदीय शुल्क समिति से अवगत करा कर अनुमति लेनी होगी। समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी ने समिति के सचिव डीआईओएस को आदेशित किया कि वह ऐसे सभी स्कूलों की सूची बनाएं जिन्होंने इस वर्ष फीस में वृद्धि की हो और साथ ही जिन स्कूलों की शिकायत हो उन पर तुरंत स्पष्टीकरण मांगते हुए समिति विचार करें और संतोषजनक आधार न पाते हुए अग्रिम कार्रवाई पर समिति विचार करें ।
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