सीबीएसई बोर्ड के छात्र आज से नजदीकी विद्यालयों में रिपोर्ट करेंगे

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को 1 जून से अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर रिपोर्ट करना होगा। यह नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ समेत किसी भी शहर से पलायन करके अपने गांव अथवा घरों को लौट चुके। यह छात्र अपने गृह जनपद पर स्थित सरकारी …

नई दिल्ली। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को 1 जून से अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर रिपोर्ट करना होगा। यह नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ समेत किसी भी शहर से पलायन करके अपने गांव अथवा घरों को लौट चुके।

यह छात्र अपने गृह जनपद पर स्थित सरकारी विद्यालय में रिपोर्ट करेंगे। यह नियम उन छात्रों के लिए है जिन्हे अभी शेष रह गई सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं देनी है। छात्र जून के पहले सप्ताह में कभी भी अपने नजदीकी सरकारी विद्यालय में अपने ब्यौरे समेत अन्य जानकारियां जमा करवा सकते हैं।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “बहुत से छात्र छात्रावासों में रह रहे थे और लॉक डाउन घोषित होने के बाद छात्रावास खाली करके अपने घर चले गए हैं। कोई छात्र केरल, कोई तमिलनाडु और कई अन्य दूरदराज के स्थानों पर जा चुके हैं।

स्वयं नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले 3000 छात्रों को मंत्रालय की सहायता से उनके घरों को भिजवाया गया है। इसलिए छात्र जिस जनपद पर फिलहाल मौजूद हैं उनकी बोर्ड परीक्षाएं उन्हीं जनपदों पर ली जाएंगी।” दसवीं और बारहवीं कक्षा के जो छात्र फिलहाल जहां हैं, वह वहीं से अपनी शेष रह गई बोर्ड परीक्षाएं दे सकेंगे। सीबीएसई नए सिरे से इन छात्रों के लिए इनके नजदीकी स्कूलों में बोर्ड परीक्षा के सेंटर बनाएगा।

केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा, “छात्र अपनी परीक्षाओं के संबंध में अपने नजदीकी स्कूलों से संपर्क करें। अपनी जानकारी उन्हें प्रदान करें इसके उपरांत जून के प्रथम सप्ताह में इन छात्राओं को लेकर कार्यक्रम तैयार कर लिया जाएगा।”

सीबीएसई 10वीं और 12वीं की शेष रह गई बोर्ड परीक्षाओं के लिए डेटशीट जारी कर चुकी है। देशभर में दसवीं और बारहवीं की यह बोर्ड परीक्षाएं 15 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। पहले के मुकाबले परीक्षा केंद्रों की संख्या में 5 गुना से अधिक का इजाफा किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि परीक्षा केंद्रों पर अधिक भीड़ न हो और छात्र सुरक्षा एवं सहजता के साथ अपनी परीक्षाएं दे सकें।

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