हल्द्वानी: एसटीएच में 19 एनएचएम कर्मियों की हड़ताल
हल्द्वानी, अमृत विचार। चार माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल के एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के 19 कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। चेतावनी दी कि जब तक उन्हें वेतन नहीं मिलता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 24 …
हल्द्वानी, अमृत विचार। चार माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल के एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के 19 कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। चेतावनी दी कि जब तक उन्हें वेतन नहीं मिलता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 24 बेड का एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट्स) संचालित होता है। इसमें तीन डॉक्टर्स, 13 नर्सिंग स्टाफ, दो ऑपरेटर व एक तकनीशियन शामिल हैं। सभी कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। जबकि अभी यूनिट में मरीज भर्ती हैं।
उनका कहना है कि चार माह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक वेतन जारी नहीं किया गया है। ऐसे में उनके सामने घर खर्च चलाने में परेशानी हो रही है। आक्रोशित स्वर में कहा कि हड़ताल को लेकर कई दफा अस्पताल प्रशासन व स्वास्थ्य अधिकारयों को बताया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसकी वजह से उन्हें हड़ताल का फैसला किया।
चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इधर, एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से अस्पताल में नवजात शिशुओं के इलाज में परेशानी आ सकती है हालांकि एसटीएच प्रशासन इससे इंकार कर रहा है। दावा है कि बाल रोग विभाग से चार डॉक्टर्स व अलग-अलग वार्ड से पांच नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की गई है।
प्रदर्शनकारी स्टाफ से भी बातचीत की जा रही है। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। हड़ताल करने वालों में डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. स्वाति, डॉ. श्रद्धा, रीना, ममता, ललिता पाल, जैसमीन, अनिता, मीनाक्षी, कोमल, पुष्पा, कुंदन, अनिल बहुगुणा, हिमांशी बिष्ट, राधा बिष्ट, निर्मला जोशी आदि शामिल थे।
क्या बोले प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि एसएनसीयू संचालन को एमएस डॉ. जीएस तितीयाल व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.ऋतु रखोलिया के साथ बैठक की गई है। यूनिट में बाल रोग विभाग का स्टाफ तैनात किया गया है। डॉक्टर्स को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से अनुरोध किया गया है कि एनएचएम स्टाफ का भुगतान जल्द किया जाए। हड़ताली स्टाफ से भी वार्ता की जा रही है।
