बरेली: 21 को होगा 104वें उर्स-ए-रजवी का आगाज, 1100 वॉलंटियर्स की रहेगी नजर
बरेली, अमृत विचार। आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खाँ फ़ाज़िले बरेलवी के 104वें उर्स-ए-रज़वी का आगाज 21 सितम्बर से शुरू होने जा रहा। है। देश विदेश से लाखों जायरीनों का बरेली पहुंचना शुरू हो गया है। जायरीनों की खिदमत के लिए बरेली वासियों ने भी अपना दिल भी खोल दिया है। जिससे हिन्दू मुस्लिम एकता …
बरेली, अमृत विचार। आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खाँ फ़ाज़िले बरेलवी के 104वें उर्स-ए-रज़वी का आगाज 21 सितम्बर से शुरू होने जा रहा। है। देश विदेश से लाखों जायरीनों का बरेली पहुंचना शुरू हो गया है। जायरीनों की खिदमत के लिए बरेली वासियों ने भी अपना दिल भी खोल दिया है। जिससे हिन्दू मुस्लिम एकता की भी मिसाल देखने को मिलेगी। जिससे जायरीनों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
आज इसी सिलसिले में दोपहर एक बजे दरगाह ताजुश्शरिया पर काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती और जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत व जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की निगरानी में 104वां उर्स-ए-रजवी की तैयारियों को लेकर बैठक की गई। बैठक का आगाज़ तिलावत-ए-कुरान से किया गया। बैठक का संचालन मौलाना अजीमुद्दीन अज़हरी ने किया।
जमात रज़ा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की सभी शाखाओं के सदर व नायब सदर समेत लंगर कमेटीयां, उर्स कोर कमेटी, वालंटियर के साथ बैठक की। सभी से उर्स में सहयोग की उपेक्षा की गई और मशवरे मांगे गए। उर्स की तैयारियां भी अंतिम दौर में चल रही है। व्यवस्थाओं को भी तेजी से दुरस्त किया जा रहा है। जायरीनों की खिदमत के लिए लंगर की व्यवस्था दरगाह पर और मदरसा जामियातुर रज़ा में की जा रही।
वही उर्स स्थल में पानी की व्यवस्था, वुजू की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था आदि तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। उर्स कोर कमेटी से डॉक्टर मेहंदी हसन ने बताया कि 1100 सौ वालंटियर आला हजरत के मेहमानों की खिदमत करेंगे। पांच लोगो की टीम बनाकर दरगाह आला हजरत से मदरसा जामियातुर रज़ा तक की व्यवस्था दी गई है। तीनों दिन और 24 घंटे के लिए सब को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई है।
वॉलंटियर्स को निर्देश दिए गए है उर्स पर जिसकी जहा ड्यूटी लगाई गई है, वह उस्से बखूबी से निभाए। मोईन खान, अब्दुल्लाह रज़ा खान, समरान खान, हाफिज इकराम रज़ा खान, शमीम अहमद आदि ने अपने उर्स के ताल्लुक से विचार रखे। जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की हाथों जमात रजा के जिम्मेदारों, लंगर कमेटियां और वॉलंटियर्स को उर्स-ए-रज़वी के परिचय पत्र बांटे गए। बैठक में कमेटी के तमाम पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
यहां रहेंगे वॉलिंटियर मौजूद
दरगाह आला हजरत, दरगाह ताजुश्शरिया, सिटी सब्ज़ी मण्डी, दरगाह दूल्हा मिया ज़ारत, मिनी बाईपास, मदरसा जामियातुर रज़ा, जीरो पॉइंट के अलावा स्टेज, साउंड, आदि जगाओं पर वॉलंटियर्स को जिमेदारियां सौंपी गई है।
बैठक में इन शाखाओं (ब्रांच) का रहा सयोग
अलीगंज, धन्तिया, शाही, फतेहगंज पश्चिमी, करगैना, कैंट, मवई, आंवला, बानखाना, खैलम, फतेहगंज पूर्वी, बीसलपुर, भगवंतापुर, शेरगढ़ आदि मौजूद रहीं। उर्स की व्यवस्था में मौलाना सैय्यद अजीमुद्दीन अज़हरी, डॉक्टर मेहंदी हसन, हाफिज इकराम रज़ा खान, शमीम अहमद, मोईन खान, समरान खान,
अब्दुल्लाह रज़ा खान, मोईन अख्तर, अतीक अहमद हशमती, बख्तियार खां, सैफ अली कादरी, मौलाना शम्स रज़ा, मौलाना निजामुद्दीन, मौलाना आबिद नूरी, मुफ्ती कासिम, शाईबूद्दीन रज़वी, अकील खान, फैजान रज़ा, शबाब खान, अबरार हुसैन, बहारुल मुस्तफा, सैय्यद मशकूर, अहसान, मुजाहिद खान, डॉक्टर जफर खान, सलीम खान, मोहम्मद अहमद, आले मुस्तफा, आदि लोगों का सायोग रहेगा।
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