हल्द्वानी: वन अफसर बनेंगे ‘अभिभावक’ गोद लेंगे जंगल
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। जल, जंगल, जमीन जिस तरह भी हो बचाना चाहिए। वैसे तो यह जिम्मेदारी सभी की है लेकिन जंगलात को जंगल का ‘अभिभावक’ समझा जाता है। अब इन अभिभावकों को जंगल गोद लेना होगा। केंद्र इन गोद लिए जंगलों की निगरानी करेगा ताकि इनका भरण पोषण सही हो सके। केंद्रीय पर्यावरण वन …
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। जल, जंगल, जमीन जिस तरह भी हो बचाना चाहिए। वैसे तो यह जिम्मेदारी सभी की है लेकिन जंगलात को जंगल का ‘अभिभावक’ समझा जाता है। अब इन अभिभावकों को जंगल गोद लेना होगा। केंद्र इन गोद लिए जंगलों की निगरानी करेगा ताकि इनका भरण पोषण सही हो सके।
केंद्रीय पर्यावरण वन मंत्रालय ने प्रदेश के सभी डीएफओ को 10 से 25 हेक्टेयर जंगल एडॉप्ट करने के दिए निर्देश
41 वन डिवीजन हैं राज्य में
69% भूभाग में है जंगल प्रदेश में
8 टेरिटोरियल व नॉन टेरिटोरियल डिवीजन है जिले में
केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने प्रदेश के सभी प्रभागीय वनाधिकारी से लेकर प्रमुख वन संरक्षक (डीएफओ से पीसीसीएफ) स्तर तक के अधिकारियों को 10 से 25 हेक्टेयर जंगल गोद लेने के आदेश दिए है। इसके तहत सभी वन अफसर हल्के घनत्व वाले जंगल, सूखे जंगल और झाड़ी वाले वन भूमि को गोद लेंगे। उन्हें इस भूमि को एक घने जंगल में बदलना होगा। वन अफसरों की जिम्मेदारी सिर्फ इन जंगलों को गोद लेकर ही पूरी नहीं होगी बल्कि इनका पोषण भी इन्हीं का जिम्मा होगा। यानी जंगलों की देखभाल और सुरक्षा का भी जिम्मेदारी भी निभानी होगी। वन अफसर इसमें लापरवाही नहीं बरते इसलिए वन अफसरों द्वारा गोद लेने वाले जंगल की जीपीएस लोकेशन, केएमआर फाइल, मासिक प्रगति रिपोर्ट राज्य को सौंपनी होगी। यहां से रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी और केंद्र खुद इसकी निगरानी करेगा। केंद्र व राज्य जिलेवार तिमाही प्रगति रिपोर्ट की भी समीक्षा करेंगे।
गोद ली वनभूमि का ब्योरा देना होगा मंत्रालय को
प्रत्येक वन अफसर को गोद ली गई वन भूमि का संपूर्ण ब्योरा केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के नोडल अधिकारी वन महानिरीक्षक एनएईबी को अनिवार्य रूप से मेल करनी होगी। इस ब्योरे के आधार पर समीक्षा की जाएगी।
केंद्र के निर्देशानुसार सभी वन अफसरों को 10 से 25 हेक्टेयर तक स्क्रब जंगल एडॉप्ट करना होगा। इसको स्थानीय प्रजातियां लगाकर आबाद करना होगा। इसकी केंद्र व राज्य स्तर पर निगरानी के साथ ही मासिक व त्रैमासिक समीक्षा भी होगी ।
पीके पात्रो, मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं
जिले में तीन हजार किमी में फैले हैं जंगल
नैनीताल जिले का क्षेत्रफल 4251 वर्ग किमी है। वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल वन क्षेत्र 3041.56 वर्ग किमी है। इनमें 773.06 में अत्यंत सघन वन क्षेत्र, 1728.93 किमी में सामान्य सघन वन और 539.57 खुले वन हैं।
