पिथौरागढ़: बिगड़ते मौसम के चलते डीएम उच्च हिमालय क्षेत्रों में प्रवेश पर लगाई रोक
पिथौरागढ़, अमृत विचार। बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते कई संपर्क मार्ग प्रभावित हो गए है। वहीं शनिवार को भी मुनस्यारी में भूकंप के झटके महसूस हुए थे। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों की वर्चुअली बैठक ली है। बैठक में डीएम ने पर्यटन गतिविधियों के लिए उच्च हिमालय में …
पिथौरागढ़, अमृत विचार। बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते कई संपर्क मार्ग प्रभावित हो गए है। वहीं शनिवार को भी मुनस्यारी में भूकंप के झटके महसूस हुए थे। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों की वर्चुअली बैठक ली है। बैठक में डीएम ने पर्यटन गतिविधियों के लिए उच्च हिमालय में बिना अनुमति के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
वर्चुअली बैठक में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने मौसम के वर्तमान हालात और मुनस्यारी में भूकंप के झटकों को देखते हुए तहसील स्तरीय अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा। वहीं धारचूला तहसील प्रशासन को मौसम को देखते हुए तहसील के संवेदनशील स्थलों पर लगातार नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि मौसम के चलते किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन सजग रहे और किसी तरह के नुकसान को रोकने को यथासंभव प्रयास किए जाएं।
डीएम ने उपजिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मौसम को दृष्टिगत रखते हुए पर्यटन गतिविधियों के लिए पर्यटकों को बिना अनुमति के किसी भी सूरत में उच्च हिमालय में प्रवेश नहीं करने दिया जाए। सड़क निर्माण विभागों को बंद सड़कों को तेजी से खोलने को कहा। अतिरिक्त मशीन लगाकर मार्ग को जल्द खोलने को कहा कि ताकि वाहन और यात्री लंबे समय तक फंसे नहीं । सड़क खोल कर यात्रियों को निकालने का कार्य प्राथमिकता के साथ हो।
शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि खंड , उप खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से जर्जर हो चुके विद्यालयों का निरीक्षण लगातार किया जाए । किसी भी तरह की अप्रिय घटना घटित नही हो। वहीं ऊर्जा निगम और जल महकमों को पेयजल आपूर्ति बहाल होने पर तत्काल कार्य करते हुए आपूर्ति बहाल कराने को कहा। सभी तहसीलदारों को अपने -अपने क्षेत्रों में सड़क किनारे स्थित गिरने के कगार पर पहुंंचे वृक्षों को चिन्हित करते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से कटवाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
पिथौरागढ़ सहित जिले के अन्य गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग को सक्रिय रहने को कहा। जहां गुलदार नजर आए उसकी सूचना तहसील प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को साझा करते हुए गश्त लगाकर लोगों को जागरू क करने को कहा। बीते दिनों बड़ाबे क्षेत्र में ततैयों के हमले से ग्रामीण की मौत को देखते हुए ततैया नियंत्रण हेतु कमेटी गठित करने के लिए वन विभाग को निर्देश दिए। वर्चुअल बैठक में सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व कर्मी, वन , पुलिस , पेयजल , ऊर्जा निगम , लोनिवि ,पीएमजीएसवाई सहित अन्य विभागों के अधिकारी जुड़े रहे।
