भाजपा 2024 लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकती: स्टालिन

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चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और दूसरी बार द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष चुने गये एम.के.स्टालिन रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2024 के लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है और इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना चाहिए। द्रमुक जनरल काउंसिल को सम्बोधित करते हुए श्री स्टालिन ने …

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और दूसरी बार द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष चुने गये एम.के.स्टालिन रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2024 के लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है और इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना चाहिए। द्रमुक जनरल काउंसिल को सम्बोधित करते हुए श्री स्टालिन ने कहा कि उन्हें पार्टी के शीर्ष पद के लिए निर्विरोध चुना गया है।

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उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने पार्टी प्रमुख का पद संभाला है तब से द्रमुक केवल जीत ही मिली है। उन्होंने कहा कि हमने 2019 का लोकसभा चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव और हाल में हुए शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव जीते है। उन्होंने कहा कि द्रमुक 2024 के आम चुनावों तमिलनाडु की सभी 39 तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की एक सीट जीतने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से सुस्त नहीं रहना चाहिए क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत 2026 में होने वाले राज्य में अगले विधानसभा चुनावों में द्रमुक की 100 प्रतिशत जीत का आधार बनेगी। उन्होंने कहा, “हम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है। हमें सभी 40 सीटें जीत कर राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि भाजपा कुछ भी करेगी। भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव जीतने के लिए किसी भी स्तर की राजनीति करेगी। उनके पास कुछ भी नहीं है और वे चुनाव के लिए हमारे बारे में अफवाह फैलाएंगे। उन्होंने भाजपा पर पर धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं को भड़काकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों ने कभी राजनीति और अध्यात्म का मिश्रण नहीं किया है इसलिए अब भाजपा की सांस फूल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी अन्नाद्रमुक में अंदरूनी कलह का फायदा उठाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी सक्षम और मजबूत नेतृत्व के साथ ही आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री जे.जयललिता के निधन के बाद अन्नाद्रमुक के पास कोई सक्षम नेतृत्व नहीं है और पार्टी चार टुकड़ों में बंटी हुई है। उसकी नीति हर समय केवल द्रमुक का विरोध करना है।

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