खटीमा में जलभराव से प्रभावित 10 परिवारों ने स्कूल में ली शरण
खटीमा, अमृत विचार। क्षेत्र में तीसरे दिन भी बरसात का क्रम जारी रहने से आम जनजीवन प्रभावित रहा। निचले हिस्सों में जलभराव होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। इससे बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। खेतलसंडा खाम में जलभराव से प्रभावित दस परिवारों के 51 लोगों को प्रशासन ने प्राथमिक स्कूल में …
खटीमा, अमृत विचार। क्षेत्र में तीसरे दिन भी बरसात का क्रम जारी रहने से आम जनजीवन प्रभावित रहा। निचले हिस्सों में जलभराव होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। इससे बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। खेतलसंडा खाम में जलभराव से प्रभावित दस परिवारों के 51 लोगों को प्रशासन ने प्राथमिक स्कूल में विस्थापित किया है। तीन दिन में 141 मिमी बरसात दर्ज हुई है। इसमें सुबह आठ बजे तक 56 मिमी दर्ज हुई। किसानों के खेतों में तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचने से किसान भी चिंतित हैं।
रविवार को भी सुबह से ही बरसात का क्रम जारी रहा। इससे नदी-नालों के जल स्तर में बढ़ोतरी रही। प्रशासन के अनुसार, खेतलसंडा खाम में जलभराव से प्रभावित 10 परिवारों को प्राथमिक स्कूल में विस्थापित किया गया है। कानूनगो नरेंद्र गहतोड़ी ने बताया कि विस्थापितों के भोजन आदि की व्यवस्था की गई है। इधर नगर व ग्रामीण क्षेत्र के डिग्री कालेज रोड, आदर्श कालोनी रोड आदि के अनेक निचले स्थानों पर भी जल भराव से लोगों को दिक्कत आ रही है।
जीआईसी मौसम केंद्र के प्रभारी नरेंद्र रौतेला ने बताया कि तीन दिन में 141 मिमी बरसात दर्ज हो चुकी है। अगले कुछ घंटों में बारसात होने की संभावना है, अधिकतम तापमान लुढ़क कर 23 डिग्री व न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो रहा है। इधर नगर के बीच से गुजरते खकरा व ऐंठा नाले भी उफान पर रहे। बारिश के क्रम से रविवार को दिन में अधिकांश समय बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
एक मकान देवहा नदी में समाया, स्कूल में ली शरण
खटीमा। ग्राम दाह ढाकी में देवहा नदी के उफान में आने से कहर जारी रहा। भू कटाव के चलते देर रात गांव के ग्रामीण बचन सिंह का पक्का मकान नदी में समा गया। पीड़ित परिवार ने प्राथमिक विद्यालय में शरण ली। भू-कटान से कई मकान खतरे की जद में हैं। लाल नदी का विकराल रूप देख अनेक ग्रामीण आशियाना खाली कर सामान ट्रैक्टर ट्राली में भरकर खेतों में होकर सुरक्षित स्थान पर निकले। राजस्व विभाग की टीम देवहा नदी के जल स्तर पर निगाह रखे हैं।
नदी गांव और खेतों की ओर तेजी से बढ़ने से भूमि नदी में समा रही है। एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट के दिशा निर्देशन में राजस्व टीम ने पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई। मौके पर पूर्ति निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह धामी, हयात सिंह, हल्का पटवारी नीता चौहान, किसान आयोग सदस्य कारज गिल आदि मौजूद रहे।
