सितारगंज: फर्म के साझेदार पर धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप
सितारगंज, अमृत विचार। जगदंबा एग्रो सीड्स के साझेदारों के मध्य विवाद गहराता जा रहा है। इस बाबत साझेदार सचिन अरोरा ने क्षेत्र के 7 लोगों सहित, तत्कालीन बैंक मैनेजर व कर्मचारियों, उनके साझेदार, यूसीएफ के कर्मचारियों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर कार्यवाही की मांग की। सितारगंज वार्ड नंबर 7 निवासी सचिन …
सितारगंज, अमृत विचार। जगदंबा एग्रो सीड्स के साझेदारों के मध्य विवाद गहराता जा रहा है। इस बाबत साझेदार सचिन अरोरा ने क्षेत्र के 7 लोगों सहित, तत्कालीन बैंक मैनेजर व कर्मचारियों, उनके साझेदार, यूसीएफ के कर्मचारियों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर कार्यवाही की मांग की।
सितारगंज वार्ड नंबर 7 निवासी सचिन अरोरा पुत्र जगदीश लाल अरोरा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में कहा कि उनके द्वारा रमेश अरोरा एवं ममता अरोरा के साथ मिलकर मैसर्स जगदंबा एग्रो सीड्स के नाम से एक साझेदार फर्म बनाई गई थी। इसी फर्म के नाम पर एक राइस मिल भी खोली गयी थी। फर्म बनाने के कुछ वर्ष पश्चात उनके साझेदारों के द्वारा फर्म का संचालन विधि अनुरूप नहीं किया जा रहा था। जिसके चलते दोनों साझेदारों के मध्य विवाद होने लगा।
6 जून 2018 को एक समझौता नामा हुआ, जिसमें उक्त तिथि के पश्चात फर्म के समस्त लेनदेन बैंक एवं अन्य सभी जिम्मेदारी उसके साझेदार की होगी। फर्म की भूमि सचिन अरोरा के नाम दर्ज है, तो भूमि के एवज में एक करोड़ चालीस लाख अदा करने की सहमति बनी। समझौते के पश्चात वह फर्म के समस्त कार्यों से अलग हो गए। बावजूद भी दोनों साझेदारों के मध्य विवाद बढ़ता गया। जिस पर 26 जून 2021 को उनके साझेदारों ने उन्हें अपने घर बुलाया, जहां पर पहले से ही नगर के आधा दर्जन से अधिक लोग मौजूद थे। जिनके द्वारा उन पर साझेदारी फर्म खाता पुनः चालू कराने का दबाव बनाने लगे। उनके द्वारा मना करने पर उनके साथ गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। जिसके बाद 27 जून 2021 को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके घर पर फायर भी की गई थी। जिसके बाद वे भयभीत हो गया एवं 28 जून 2021 को फर्म का खाता पुनः चालू करवाया गया।
खाता चालू होने के पश्चात उनके साझेदारों द्वारा आपसी सांठगांठ कर खाते से लगभग ढाई करोड़ रुपये निकाल लिए। आरोप है कि साझेदारों के साथ सांठगांठ कर यूसीएफ के कर्मचारियों द्वारा अनियमितता की गई। उनके द्वारा बैंक खाते का संचालन पर रोक लगाए जाने के बावजूद भी एक बैंक के मैनेजर व कर्मचारी के साथ सांठगांठ कर उनके साझेदार, साझेदारी खाते से रुपए निकाल लिए। सचिन अरोरा का आरोप है कि उनके साझेदार रमेश अरोरा एवं ममता अरोरा धोखाधड़ी कर उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है। उनके सहयोगी सभी दबंग किस्म के हैं जिनसे उन्हें एवं उनके परिवार के लोग भयभीत हैं। सचिन अरोरा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर, उनके साझेदार, तत्कालीन बैंक मैनेजर व कर्मचारी, यूसीएफ के कर्मचारियों समेत नगर के 7 लोगों के खिलाफ नामजद शिकायती पत्र सौंप कर कार्यवाही की मांग की।
