इटावा: सन्नाटे में सरकारी खरीद केंद्र, आढ़तों पर धान बेच रहे हैं किसान

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इटावा। सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद करने के लिए 33 खरीद केंद्र खोले गए हैं। सभी व्यवस्थाएं होने के बाद भी किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। किसान आढ़तों पर जाकर धान की बिक्री कर रहे हैं। यह स्थिति जसवंतनगर, भरथना सहित पूरे जिले की मंडियों …

इटावा। सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद करने के लिए 33 खरीद केंद्र खोले गए हैं। सभी व्यवस्थाएं होने के बाद भी किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। किसान आढ़तों पर जाकर धान की बिक्री कर रहे हैं। यह स्थिति जसवंतनगर, भरथना सहित पूरे जिले की मंडियों की है। मंगलवार को स्थिति यह रही कि किसान अपना धान लेकर मंडी में पहुंचे।

उन्होंने सरकारी खरीद केंद्र की जगह आढ़त का रुख किया और वहां अपना धान बेंचा। भरथना की मंडी परिसर में धान बेचने के लिए आए किसान कैलाश कुमार ने बताया कि अपना धान मंडी में बेचेंगे। सरकारी खरीद केंद्र पर इसकी बिक्री नहीं करेंगे। इसी तरह भोली तथा रामपुरा के किसान भी आढ़तों पर अपने गेहूं की बिक्री करते हुए दिखाई दिए। यही स्थिति जसवंतनगर में रही। यहां मंडी समिति में धान की काफी अच्छी आवक हो रही है। लेकिन हालत यह है कि धान किसान सरकारी खरीद केंद्रों की ओर देखते भी नहीं है और वे सीधे आढ़त की ओर जाते हैं।

इसकी एक बड़ी वजह यह भी बताई गई है कि आढ़त पर धान अधिक मूल्य अधिक मिल रहा है। आढ़तों पर किसानों का धान 2800 से लेकर 3200 रुपये प्रति कुंतल की दर से खरीदा जा रहा है।यही कारण बताया गया है किसान सरकारी खरीद केंद्रों की जगह आढ़तों पर अपने धान की बिक्री कर रहे हैं। सरकार ने समर्थन मूल्य 2040 से 2060 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया है। मूल्यों में भारी अंतर के कारण ही किसान आढ़तियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

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