देहरादून: अतिथि शिक्षकों के 2300 पद शीघ्र भरे जाएं - मुख्यमंत्री
देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिथि शिक्षकों के 2300 पद शीघ्र भरे जाएं।
मुख्यमंत्री ने हर जनपद में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना तथा विद्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी के 03 हजार रिक्त पद भरने के निर्देश दिये। कहा कि क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों अविलंब मरम्मत की जाए।
राज्य के सभी सरकारी एवं अशासकीय स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्राओं को आने वाले शैक्षणिक सत्र में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाएं। कक्षा 8वीं तक पहले से ही निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार के लिए आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारी भी समय-समय पर स्कूलों की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। इसके लिए रोस्टर बनाया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी नियमित स्कूलों में जाकर पठ्न-पाठन एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें।
शिक्षकों को दें शीघ्र नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जो पूर्ण हो चुकी है, उन्हें शीघ्र नियुक्ति दी जाए। अध्यापकों के मेडिकल एवं अध्यापिकाओं के मेडिकल, मेटरनिटी लीव एवं चाइल्ड केयर लीव के दौरान कक्षाएं बाधित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों के जो पद रिक्त हैं, उनके जल्द ही आयोग को अधियाचन भेजे जाएं। बीआरपी एवं सीआरपी के रिक्त पदों को भी जल्द भरा जाए। सुनिश्चित करें कि शिक्षकों का मेडिकल रिम्बरसमेंट एवं सेवानिवृत्त होने के बाद जीपीएफ भुगतान समय पर हो जाए। बीआरपी एवं सीआरपी के रिक्त 950 पद शीघ्र भरे जाएं। शिक्षा व्यवस्था की गतिविधियां एवं ट्रांसफर की व्यवस्था ऑनलाइन की जाए। बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम्, रविनाथ रमन, एस.एन. पाण्डेय, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर सचिव योगेन्द्र यादव एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
यह दिए प्रमुख निर्देश
- राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की तर्ज पर हर जिले में आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना
- बीआरपी एवं सीआरपी के रिक्त 950 पद शीघ्र भरे जाएं
- विद्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएं चतुर्थ श्रेणी के 03 हजार रिक्त पद
- 9वीं से 12 वीं कक्षा के बच्चों को भी निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाएं
- उच्चाधिकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं एवं शैक्षिक गुणवत्ता का निरीक्षण करें
- क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की की जाए अविलंब मरम्मत
- टीचरों के लंबे अवकाश के दौरान स्कूलों में अध्यापन के लिए करें वैकल्पिक व्यवस्था
