बरेली: बस पर लोकल रेडियम पट्टी से बना रहता है हादसे का डर   

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फ्लैश में नहीं चमक रही थी रेडियम, इसलिए हुई फेल

फ्लैश में लोकल रेडियम पट्टी चमक नहीं रही थी, जिस वजह से उसे पास नहीं किया गया। जब रोडवेज की तरफ से

बरेली, अमृत विचार फ्लैश में लोकल रेडियम पट्टी चमक नहीं रही थी, जिस वजह से उसे पास नहीं किया गया। जब रोडवेज की तरफ से लोकल रेडियम पट्टी को लगाकर भेजा गया तो उसकी जांच की गई।

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आरआई के अनुसार कोहरे में हादसे से बचने के लिए बस के चारों तरफ रेडियम पट्टी को लगाया जाता है। जिससे घने कोहरे में भी दूसरे वाहन चालक को वाहन दिखाई दे। वहीं लोकल रेडियम पट्टी में चमक नहीं होने से सामने से आने वाले वाहन को कुछ दिखता नहीं है।

कोहरे में सवारियों को सुरक्षित सफर कराने के लिए परिवहन निगम ने रोडवेज बसों में बेहतर गुणवत्ता की रेडियम पट्टी लगाने के निर्देश दिए, लेकिन 75 रुपये मीटर आने वाली रेडियम पट्टी में भी अधिकारियों ने खेल कर दिया। गुणवत्ता वाली रेडियम पट्टी लगाने की जगह लोकल दुकानों से खरीदकर रेडियम पट्टी लगा दी।

सस्ती और घटिया गुणवत्ता की रेडियम पट्टी लगी रोडवेज बसें जब फिटनेस के लिए आरआई के पास पहुंची तो उन्होंने इस खेल को पकड़ लिया और कामचलाऊ रेडियम पट्टी लगी बसों की फिटनेस करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद अधिकारियों ने मामला मीडिया में आने के बाद लोकल रेडियम पट्टी को हटाकर उसकी जगह पर गुणवत्ता वाली रेडियम पट्टी लगाकर भेजा। जिसके बाद ट्रांसपोर्ट नगर में आरआई ने सभी बसों की फिटनेस की।

रोडवेज की बसों में लोकल रेडियम पट्टी लगी थी। जिसके बाद वह फ्लैश में नहीं चमक रही थी। नियमानुसार रोडवेज की बस में आगे और पीछे सफेद जबकि दोनों साइड में पीली रेडियम पट्टी लगी होनी चाहिए। कुछ बसों में लोकल रेडियम पट्टी लगाकर फिटनेस के लिए भेज दिया गया था। बाद में लोकल पट्टी को हटाकर सही गुणवत्ता वाली पट्टी को लगाया गया। जिसके बाद वाहनों की फिटनेस कर दी गई-एमपी सिंह, आरआई।

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