निकाय चुनाव से पहले कानपुर कांग्रेस में गुटबाजी, हरप्रकाश गुट ने नौशाद के खिलाफ खोला मोर्चा
कानपुर में निकाय चुनाव को लेकर सभी पार्टियों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में भाजपा के साथ ही कांग्रेस में भी गुटबाजी चरम पर है।
कानपुर, अमृत विचार। भाजपा की तरह कांग्रेस में भी गुटबाजी का वायरस घुस चुका है। नगर निगम चुनाव से पहले ही गांधी विचार मंच के बैनर पर पार्टी के समानांतर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। पूर्व शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने वर्तमान अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यक्रमों का खुल्लमखुल्ला बहिष्कार संगठन की परेशानी का सबब बन गया है।
हरप्रकाश का कहना है कि नौशाद पूर्व विधायक सोहिल और अजय कपूर की कठपुतली हैं। दोनों ने ही सीसामऊ से उनका टिकट कटवाया। नौशाद की भी भूमिका थी। दूसरे यह कि बतौर अध्यक्ष नौशाद उन्हें किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करते। बिन बुलावे के क्यों जाऊं। शहर अध्यक्ष बनने के बाद कभी भी तवज्जो नहीं दी।
नौशाद आलम मंसूरी का कहना है कि दावेदार बहुत होते हैं पर टिकट एक को मिलता है। बतौर अध्यक्ष चुनाव के दौरान वह अपनी भूमिका में थे। नौशाद कहते हैं कि वरिष्ठ नेता मदनमोहन शुक्ला, पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र व संजीव दरियाबादी आदि से हरप्रकाश सीनियर लीडर नहीं है। वह झूठ बोलते हैं। सबको घर जाकर बुलाना या फोन करना संभव नहीं है।
हर हफ्ते शहर में भारत जोड़ो यात्रा निकाली जाती है पर हरप्रकाश व उनके समर्थक नहीं आते हैं। कांग्रेस को मजबूती देने को जब संगठित होने की दरकार है तो ये लोग न जाने क्यों बिदक रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगठन के समानान्तर गतिविधियों की रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को भेजी जा रही हैं।
