अल्मोड़ा: दो प्रधानों व एक बीडीसी सदस्य ने दिया इस्तीफा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अल्मोड़ा, अमृत विचार। अल्मोड़ा जिले में तीसरा बच्चा पैदा होने पर दो ग्राम प्रधानों और एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दिया है। रिक्त हुए इन पदों पर अब प्रशासन फिर से चुनाव की कवायद में जुटा हुआ है। 

उत्तराखंड प्रदेश में पंचायत चुनाव लडऩे वाले किसी भी प्रत्याशी के लिए दो बच्चों की बाध्यता है। अगर तीसरा बच्चा हुआ तो उसे अयोग्य माना जाता है। इसी कारण जिले में तीसरी संतान पैदा होने पर दो प्रधान और एक बीडीसी सदस्य ने अपना त्यागपत्र दे दिया है।

इन सभी सीटों पर अब उपचुनाव होंगे। 2019 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान लागू अधिसूचना में तीसरी संतान वाले उम्मीदवारों को प्रधान, बीडीसी के लिए अपात्र कर दिया गया था। अब प्रधान, बीडीसी चुने जाने के तीन वर्ष बाद भी नए नियम के तहत प्रतिनिधि अपात्र माने जा रहे हैं। दूसरी बार हो रहे उप चुनाव में ऐसी तीन सीटों पर भी चुनाव प्रस्तावित है।

जहां पर तीसरी संतान होने पर दो प्रधानों व एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने त्यागपत्र दिया। शासन स्तर से बीते माह मांगी गई रिक्त सीटों की सूची में विभाग ने इन रिक्त सीटों को भी सम्मिलित किया था। अधिसूचना जारी होने के बाद अब इन रिक्त सीटों  पर भी उपचुनाव होने हैं। जिले में अपने पदों से इस्तीफा देने वाले प्रधानों में लमगड़ा ब्लॉक के सेल्टा चापड़ और स्याल्दे ब्लॉक के लालनगरी के प्रधान शामिल हैं।

जबकि लमगड़ा ब्लॉक के ही डोल के बीडीसी सदस्य ने भी तीसरी संतान होने पर अपने पद से इस्तीफा दिया है। डीपीआरओ गोपाल सिंह अधिकारी ने बताया कि नियमों के तहत तीसरी संतान वाले प्रतिनिधि को त्यागपत्र देना जरूरी है। ऐसे में तीनों का त्यागपत्र मिलने के बाद उपचुनाव करवाए जाएंगे। 

संबंधित समाचार