बागेश्वर: इलाज के लिए दर-दर भटक रहा खड़िया मजदूर
बागेश्वर, अमृत विचार। जनपद में खान मालिकों द्वारा खनन मजदूरों की उपेक्षा की जा रही है। तिलाड़ी क्षेत्र के एक खान में 18 नवंबर को काम करने के दौरान एक मजदूर घायल हो गया था। जिसका जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है लेकिन खान मालिक उसका सुध नहीं ले रहा है।
जिला अस्पताल में इलाज करा रहे डुंगरी निवासी 40 वर्षीय अमित कुमार पुत्र रमी राम ने बताया कि जब वह खान में कार्य कर रहा था तभी खड़िया की चट्टान गिर गई तथा उसके पीठ में चोट लग गई। खान से अन्य मजदूर उसे लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे जहां एक्सरे करवाने के बाद उसे पता चला कि उसके कमर व पेट में चोट है।
चिकित्सकों ने उसका इलाज करने के बाद उसे घर भेज दिया लेकिन घर पहुंचकर उसकी तबियत पुनः खराब हुई तथा उसे भीषण दर्द होने लगा। जिस पर उसने इसकी जानकारी अधिवक्ता मोहन राम आर्या को दी तो उन्होंने निजी खर्च से उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती किया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
घायल के रीढ़ की हडडी में चोट बताई जा रही है। अधिवक्ता मोहन राम आर्या ने बताया कि उन्होंने खान मालिक से इस संबंध में बात की तथा घायल का नियमानुसार इलाज कराने को कहा। जिस पर खान मालिक ने इलाज का आश्वासन दिया लेकिन अब तक जदूर की कोई मदद नहीं की। इधर, घायल मजदूर अमित ने बताया कि उसे खान मालिक द्वारा अब तक इलाज हेतु मदद नहीं की है। घायल मजदूर ने बताया कि खान में मजदूरों की सुरक्षा हेतु कोई उपकरण प्रदान नहीं किए गए हैं। बिना सुरक्षा मानकों के ही मजदूरों से कार्य कराया जा रहा है।
घर का इकलौता कमाऊ सदस्य है अमित
बागेश्वर। घायल मजदूर ने बताया कि उसके घर में अन्य कोई कमाउ सदस्य नहीं है तथा उसके चार बच्चों, पत्नी समेत वृद्ध माता-पिता के भरण पोषण की जिम्मेदारी भी उसके उपर है। अब घायल होने से उसके परिवार के समक्ष भरण पोषण का खतरा हो गया है।
खान मजदूर की जिम्मेदारी पूरी तरह से खान मालिक की है। यह मामला गंभीर है। सभी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण देना भी आवश्यक है। खान मालिक को चाहिए कि वह तत्काल मजदूर को मुआवजा प्रदान करे। - अनुराधा पाल, जिलाधिकारी बागेश्वर।
