देहरादून: बस हादसे के घायलों की मदद करने वालों को विशेष सम्मान
देहरादून, अमृत विचार। सिमड़ी बस हादसे में राहत, खोज एवं बचाव कार्य में पुलिस का सहयोग एवं घायलों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों को डीजीपी अशोक कुमार ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में 85 हजार रुपये और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। राज्य में यह पुरस्कार पहली बार प्रदान किया गया है।
पौड़ी गढ़वाल के थाना धुमाकोट क्षेत्रांतर्गत सिमड़ी गांव के पास विगत 4 अक्टूबर की शाम एक बस खाई में गिर गई थी, हादसे में 34 लोगों की मौत हुई थी जबकि 19 लोग घायल हुए थे। विषम परिस्थितियों में राहत, खोज एवं बचाव कार्य में जनार्दन प्रसाद जोशी, राजेश कुमार, संदीप सिंह, दिनेश सिंह रावत, जितेंद्र सिंह, संदीप सिंह, आशीष जोशी व प्रवेन्द्र सिंह (स्थानीय निवासी) द्वारा पुलिस का काफी सहयोग किया गया।
हर साल हादसों में खोती हैं 1000 जिंदगियां
देहरादून। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा हमारे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। उत्तराखंड में ही हर वर्ष हम करीब 1000 जिंदगियां सड़क हादसे में खोते हैं। पूरे देश में यह आंकड़ा लगभग डेढ़ लाख है, जो बहुत बड़ी संख्या है। इसके प्रति केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार बहुत गंभीर हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सड़क हादसों में होने वाली जनहानि में कमी लाने के उद्देश्य से गुड समारितन योजना प्रारंभ की गयी है, जिसमें सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले अच्छे व्यक्ति/व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जाता है। इसी क्रम में उत्तराखंड पुलिस द्वारा यह पुरस्कार योजना प्रारंभ की गयी है, जिसके अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति सहायता कार्य करता है, तो उत्तराखंड पुलिस उसे नगद इनाम और प्रशंसा पत्र प्रदान करती है।
सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण किसी की जिंदगी बचाना
देहरादून। डीजीपी के अनुसार, सेवा का कार्य पुरस्कार के लिए नहीं बल्कि किसी की जिंदगी बचाने के लिए किया जाता है। सड़क सुरक्षा के लिए हादसों को रोकने में आम लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लोग पुलिस को सूचना देने से डरते हैं कि पुलिस अनेक तरह के सवाल पूछेगी लेकिन इन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण किसी की जिंदगी बचाना है इसीलिए यह योजना चलाई गई है। सिमड़ी बस हादसे में पुरस्कार पाने वाले लोग यह पुरस्कार पाने वाले राज्य के पहले लोग हैं। इन सभी ने विषम परिस्थितियों में खतरा मोल लेकर इतना बड़ा कार्य किया है।
