गरमपानी: अल्मोड़ा- भवाली मार्ग पर जाम बड़ी समस्या
गरमपानी, अमृत विचार। अल्मोड़ा- भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम विकट समस्या बन चुका है। लगभग पांच स्थानों पर वन-वे आवाजाही के कारण वाहनों की कतार लग जा रही है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक जगह-जगह जाम खुलवाने में पुलिस कर्मियों के भी पसीने छूट रहे हैं। जाम की इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत है।
तराई से कुमाऊं के तमाम महत्वपूर्ण जनपदों को जोड़ने वाला राजमार्ग बदहाली का दंश झेल रहा है। दो वर्ष पूर्व आपदा के बाद से अब तक हाईवे की हालत में सुधार नहीं हो सका है। भोर्या बैड, दोपांखी, तल्ला व मल्ला रातीघाट तथा कैंची क्षेत्र में बमुश्किल वन वे आवाजाही की जा रही है। वन वे आवाजाही होने से जाम बढ़ीं समस्या बन चुका है।
पहाड़ से तराई तथा तराई से पहाड़ जाने वाले यात्रियों को जाम से तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार एंबुलेंस आदि भी जाम में फंसने से मरीजों की जिंदगी पर भी संकट मंडरा जाता है। पुलिस कर्मी जाम खुलवाने में जुटते हैं पर अलग अलग स्थानों में जाम लगने से पुलिस कर्मियों के भी पसीने छूट रहे हैं।
पिछले दो वर्षों से हाईवे बदहाली का दंश झेल रहा है बावजूद एनएच के अफसर अनदेखी पर आमादा है। लोगों ने अफसरों की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई है। व्यापारी नेता कुबेर सिंह, हरीश चंद्र, विरेंद्र सिंह, कैलाश कांडपाल, बिशन जंतवाल, गजेंद्र नेगी, दयाल सिंह आदि ने हाईवे को दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
