रिलीज़ होते ही यूट्यूब पर पॉपुलर देबू-अम्मू का ‘शंकर’
नई दिल्ली। राजस्थान के अलवर जिले से निकल दिल्ली को अपनी कर्म भूमि बनाकर फिर मुंबई के सफ़र के बाद अभिनेता-निर्देशक-गायक देवेंद्र सैनी उर्फ देबू और अजय अलवर उर्फ अम्मु का टी-सीरीज़ की ओर से पहला पारंपरिक भक्ति संगीत एल्बम ‘शंकर’ शनिवार को लॉन्च हुआ। भक्ति संगीत सिंगल ट्रैक एल्बम ‘शंकर’ के गीतों में उस …
नई दिल्ली। राजस्थान के अलवर जिले से निकल दिल्ली को अपनी कर्म भूमि बनाकर फिर मुंबई के सफ़र के बाद अभिनेता-निर्देशक-गायक देवेंद्र सैनी उर्फ देबू और अजय अलवर उर्फ अम्मु का टी-सीरीज़ की ओर से पहला पारंपरिक भक्ति संगीत एल्बम ‘शंकर’ शनिवार को लॉन्च हुआ।
भक्ति संगीत सिंगल ट्रैक एल्बम ‘शंकर’ के गीतों में उस शक्ति का वर्णन किया गया है, जो अपने रास्ते में किसी को या किसी को भी आने नहीं देती। सिंगल ट्रैक म्यूजिक एल्बम सर्वोच्च प्रभु के साथ हमारी पारंपरिक बॉन्डिंग को भी बयान करता है। दिल्ली, मुंबई, अलवर समेत राजस्थान के टीज़र लांच से पहले ही चल रहे सुर्खियों में इस गीत को आखिरकार टी-सीरीज़ ने लांच कर दिया।
वैसे तो इसकी रिलीज़ से पहले ही लोगो में काफी हर्ष और उल्लास दिखा और जैसे ही ‘शंकर’ सांग रिलीज़ हुआ यूटयूब पर पोपुलर हो गया। इस सोंग के लांच पर राजस्थान की जन्मभूमि और आपनी कर्म भूमि दिल्ली तथा मुंबई को नमन करते हुए गायक देबू ने कहा,“मैं आपनी सारी उपलब्धि राजस्थान, दिल्ली और मुंबई को समर्पित करता हूं। मुझे गर्व हैं की में उस धरती पर जन्मा जो आपने मान सामान लोकगीत और शुर्य के लिए लिए विश्व जगत मे प्रशिद हैं साथ ही दिल्ली और मुंबई जैसी कर्मभूमि पाकर में धन्य हूं, इसने मुझे वो सब दिया जिसको सिर्फ सोच कर अलवर से बैग थाम दिल्ली आया था।”
शंकर गीत के गायक देबू तथा लेखक और संगीतकार अम्मु दोनों ही अलवर की माटी के लाल है और आज इन दोनों की जुगलबंदी के कारण आज यह गीत टी-सीरीज़ के सौजन्य से लॉन्च किया गया है। इस उपलक्ष्य पर गायक देबू और लिरिक्स अम्मु ने कहा,“दोनों को ही यह बताते हुए बेहद ही खुशी का अनुभव हो रहा है कि हम आज इस राजस्थान कि पवन मिट्टी को देश भर में पहुंचा रहे हैं आपने इस पवन संगीत शंकर के द्वारा।
यह संगीत सृष्टि के पालनहार भोले शंकर बाबा के इस पवित्र सावन में उस भोले नाथ शंकर बाबा को समर्पित करते हुए देश को प्रस्तुत कर रहे हैं।” देबू ने अपनी यात्रा 2011 में राजस्थान के अलवर से शुरू की थी। बचपन से ही वह रचनात्मक निर्देशन और गायन के बारे में भावुक और उत्सुक था, जो उसे दिल्ली ले गया, जहां वह एक प्रारंभिक पंजाबी संगीत चैनल-पीटीसी के एक प्रोडक्शन हाउस में अपना पहला अवसर मिलने के तुरंत बाद ही उसके सामने अवसर समाप्त हो गया था। इसके बाद उसने मुंबई का रूख किया।
