बरेली: जिला उद्योग केंद्र का फर्जी अधिकारी बनकर खोल ली ठगी की दुकान, रिपोर्ट दर्ज

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उत्तर प्रदेश व राजस्थान तक फैला है जालसाजी का धंधा

बरेली, अमृत विचार। जिला उद्योग केंद्र का फर्जी अधिकारी और कर्मचारी बनकर दो भाइयों और उनके एक दोस्त ने सिक्योरिटी एजेंसी का लाइसेंस बनवा लिया और कार्यालय पर बोर्ड फाइनेंस कंपनी का लगा लिया। आरोपियों ने कई लोगों के साथ ठगी की। जानकारी होने पर एक आरोपी की पत्नी थाना बारादरी में शिकायती पत्र देकर तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी की पत्नी ने बताया कि तीनों आरोपी स्वयं को हिंदू बताकर लोगों के साथ ठगी करते हैं, जबकि वे मुस्लिम हैं।

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बारादरी थाना क्षेत्र के फाईक एंक्लेव फेस-2 अली जौहर पार्क के पास रहने वाली शबाना बेगम ने बताया कि भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव जादोपुर निवासी दिलशाद हुसैन के साथ उनका निकाह 8 जून 2006 को हुआ था। अब दिलशाद हुसैन व उसका भाई फाईक एंक्लेव में रहता है। शबाना ने बताया कि दिलशाद ने ग्रीनपार्क के पास बैंक ऑफ बड़ौदा के ऊपर एसएसआई सिक्योरिटी एंड फैसलिटी सर्विस का कार्यालय खोला है।

शबाना का आरोप है कि दिलशाद ने जबरदस्ती हस्ताक्षर कराकर जीएसटी उनके नाम पर ली है। कार्यालय पर एसएस फाइनेंस कंपनी का बोर्ड लगा लिया है। आरोप है कि धोखा देकर पीड़िता के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा में एक खाता खुलवाया, जिसे उन्होंने बंद करा दिया है। शबाना ने बताया आरोपी दिलशाद का साथ उनका भाई इरशाद हुसैन और दोस्त वारिस दे रहे हैं। पुलिस आरोपियों को तलाश कर रही है।

खुद को जिला उद्योग केंद्र का अधिकारी बताता है जालसाज
शबाना ने बताया कि दिलशाद हुसैन ने कार्यालय पर अपना नाम सुरेश कुमार लिखाया है और वह खुद को जिला उद्योग केंद्र का अधिकारी बताता है। इसके साथ ही इरशाद हुसैन स्वयं को बबलू पांडेय और उनका दोस्त वारिस अपना नाम निखिल और जिला उद्योग केंद्र का बाबू बताता है। तीनों कार्यालय लोगों को झांसा देकर ठगी करते हैं।

पीड़िता ने बताया कि बदायूं जिले के गांव धरेली थाना दातागंज निवासी चंद्रभान शर्मा ने बताया कि फाइनेंस कंपनी पर वह नौकरी करता था, लेकिन कंपनी फर्जी होने की जानकारी होने पर नौकरी छोड़ दी। शबाना ने शिकायती पत्र में बताया कि इस गैंग ने चंद्रभान शर्मा से भी 40 हजार रुपये ठग लिए। इनके अलावा सरफराज निवासी चकमहमूद, फैयाज और राजू शर्मा समेत कई लोगों से ठगी कर चुका है।

राजस्थान में फैला है ठगी का जाल
शबाना ने बताया कि दिलशाद और उसके भाई इरशाद व दोस्त बबलू ने राजस्थान में जालसाजी का जाल फैला रखा है। उसने वहां पर भरत चौधरी और नवल अग्रवाल नाम से फर्जी आईडी बनाकर जयपुर में मुद्रा फाइनेंस कंपनी खोल रखी है। वहां भी तीनों आरोपी ठगी कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि 15 जून 2022 को जब उन्होंने इस संबंध में दिलशाद से बात की तो वह गालियां देने लगा और मारपीट करने लगा। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो तीन तलाक दे देगा और दोनों बच्चों की हत्या कर देगा।

धर्म परिवर्तन कराकर की थी दूसरी शादी
शबाना बेगम ने बताया कि कार्यालय पर काम करने वाली एक लड़की से दिलशाद के प्रेम संबंध हो गए थे। उसने पहले दिलशाद को हिंदू समझा था। जब वह गर्भवती हो गई। तब आरोपी ने धर्म परिवर्तन कराकर उससे शादी कर ली थी। इसके बाद युवती ने एक बच्ची को जन्म दिया था। तब दिलशाद ने बच्ची का अपहरण कराकर मारने का प्रयास किया था। जानकारी लगने पर युवती ने आरोपी के खिलाफ गाजियाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस प्रकरण में वह डासना जेल में भी रहा। बाद में युवती ने लव जेहाद, दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में भी रिपोर्ट दर्ज कराई। तब भी वह जेल में रहा था।

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