लखनऊ विश्वविद्यालय: दूसरे कार्यकाल में रिसर्च को बढ़ावा और क्ववालिटी एजुकेशन के साथ छात्र हित में उठायेंगे हर कदम- प्रो. आलोक राय
अमृत विचार लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में ए डबल प्लस की रैंक दिलवाकर नई पहचान दिलाने वाले कुलपति प्रोफेसर आलोक राय ने दोबारा कुलपति बनने के बाद कहा कि वह छात्र हित में हर जरूरी कदम उठायेंगे साथ में क्ववालिटी एजुकेशन के साथ-साथ रिसर्च को बढ़ावा देने पर फोकस करेंगे। प्रोफेसर राय लखनऊ विश्वविद्यालय में दूसरी बार कुलपति का कार्यभार ग्रहण करने के बाद वह बुधवार को पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पिछली उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी योजनाओं को भी साझा किया। कुलपति ने बताया कि छात्रों की बेहतरी के लिए वह अगामी तीन सालों में भी वह बेहतर कार्य करेंगे। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही नई कार्ययोजनाएं बनेंगी।
पिछले तीन वर्षों के दौरान 155 नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई, 197 शिक्षको की पदोन्नति की गई, 20 नए शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति की गई, 37 कर्मचारियों को नियमित किया गया और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए 264 ग्रेड पदोन्नति की गई। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय अब चरणबद्ध तरीके से लंबे समय से बकाया पांच करोड़ जल कर का भुगतान करने में सक्षम है।
पिछले तीन वर्षों में, विश्वविद्यालय ने संकाय सदस्यों और शोध छात्रों के लिए कई शोध प्रोत्साहन योजनाओं को शुरू करके अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को तैयार किया है। जिसके परिणामस्वरूप वेब ऑफ साइंस एच-इंडेक्स 77 से बढ़कर 95 हो गया। जबकि, एससीओपीयूएस एच-इंडेक्स 83 से बढ़कर 105 हो गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शोध साहित्य प्रबंधन विश्वविद्यालय में अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देगा। उन्होंने बताया कि 2019-20 में विभिन्न फंडिंग एजेंसी से अनुसंधान सहायता की मात्रा 6.5 करोड़ थी, जो 2021-22 में बढ़कर 17 करोड़ हो गई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान को मजबूत करने के लिए अनुसंधान प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि 2020 में विश्वविद्यालय में पहले से ही पार्ट टाइम पीएचडी प्रोग्राम चल रहा है और इसमें प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस है।
अधोसंरचना (infrastructure) वृद्धि में मंथन हॉल, मालवीय हॉल का जीर्णोद्धार और विश्वकर्मा हॉल का निर्माण किया गया है। सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इंसीनरेटर के साथ शौचालय परिसरों की स्थापना की गई। पुस्तकालय उन्नयन, विभागीय अधोसंरचना में उत्थान किया गया है। साथ ही शिक्षा संकाय में बोर्ड रूम और ऑडिटोरियम की और चार छात्रावासों की नवीनीकरण किया गया है। सभी 17 छात्रावासों में अब ओपन एयर जिम है और कुछ छात्रावासों में अब पूर्व छात्रों द्वारा प्रायोजित अतिथि कक्ष हैं।
छात्र सहयोग के लिए डिजिटल चैनल, ट्विटर हैंडल, यूनिवर्सिटी मोबाइल एप, कॉफी विद वीसी कार्यक्रम बनाया गया है। छात्रों को वित्तीय सहायता के लिए, वीसी केयर फंड, शोधमेधा, कर्मयोगी योजना, छात्र कल्याण निधि और छात्र कल्याण छात्रवृत्ति योजनाएँ शुरू की गईं। साथ ही स्टूडेंट ओपीडी, ट्री, काउंसलिंग एंड गाइडेंस सेल, हैप्पी थिंकिंग लैब जैसी मेंटरिंग पहल की स्थापना की गई। साथ ही EASE प्रोग्राम और लाइब्रेरी ऑटोमेशन किया गया है। प्लेसमेंट अनुभाग में, विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय सुधार देखा है। 2019-20 में, केवल 106 प्लेसमेंट हासिल किए गए जबकि 2022-23 में अब तक 718 प्लेसमेंट हुए हैं। साथ ही प्लेसमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप बढ़ाने के लिए इनक्यूबेशन सेल की स्थापना की गई है।
प्रो. राय ने कहा कि 2019 में विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन लगभग 39000 थे जो सत्र 2022-23 में देश के 31 विभिन्न राज्यों से लगभग 1700 आवेदनों के साथ बढ़कर 75000 हो गए। अगले तीन वर्षों के अपने रोडमैप में, प्रो. राय ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों को भुनाने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा, वह संस्थागत पुनर्गठन, वित्त पोषित अनुसंधान परियोजनाओं की संख्या में वृद्धि करके अनुसंधान उत्पादन में सुधार, उद्यमिता के संस्थागत सेट-अप, विदेशी छात्रों की संख्या में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करेंगे। प्रो. राय ने कहा कि विदेशी छात्रों के लिए अलग छात्रावास स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, अंतराल की पहचान करने के लिए ऑनलाइन छात्र प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित की जाएगी। उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि आने वाले तीन वर्षों में, विश्वविद्यालय जी20 देशों में विदेशी परिसर स्थापित करने का प्रयास करेगा और चरणों में ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा शुरू करेगा। साथ ही, इस वर्ष विश्वविद्यालय छात्र के भावनात्मक मूल्यों और समग्र विकास में सुधार के लिए इंटरकॉलेजिएट सांस्कृतिक उत्सव और इंटरकॉलेजिएट खेल उत्सव आयोजित करेगा।
प्रो. राय के पिछले कार्यकाल की उपलब्धियां
- विश्वविद्यालय को नैक ए प्लस प्लस ग्रेड मिला
- क्यूएस यूनिवर्सिटी रैंकिंग फार एशिया, टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग (वर्ल्ड), टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग(एशिया), नेचर इंडेक्स सहित नौ रैंकिंग में जगह बनाई।
- 155 शिक्षकों की नियुक्ति करके शिक्षक छात्र अनुपात को किया दुरुस्त किया।
- लवि के 197 शिक्षकों को प्रमोशन मिला
- विदेशी विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का माहौल बेहतर होने इस बार 15 देशों से 825 विदेशी छात्रों ने आवेदन किया।
- डिग्री कालेजों के शिक्षकों को पीएचडी करने की सुविधा दी।
- वीसी केयर फंड से 52 आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मदद।
- लवि के 800 से ज्यादा विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिला।
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