हल्द्वानी: रेलवे भूमि प्रकरण : सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी करे राज्य सरकार
हल्द्वानी, अमृत विचार। विभिन्न संगठनों ने रेलवे भूमि प्रकरण में राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करने और बस्तियों के उजड़ने पर प्रभावितों के पुनर्वास की मांग की है।
बुधवार को विभिन्न संगठनों ने बुद्ध पार्क में रेलवे भूमि प्रकरण में धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर भाकपा माले के राज्य सचिव राजा बहुगुणा ने कहा कि 50 हजार से अधिक की आबादी पर राज्य सरकार का चुप्पी साधना बहुत ही शर्मनाक है। भाजपा सरकार ने न तो हाईकोर्ट में पैरवी की और न ही सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए गंभीर दिख रही है। ट्रेड यूनियन एक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि वर्ष 2016 में उत्तराखंड सरकार ने हाईकोर्ट ने उक्त भूमि को सरकारी जमीन बताया था। फिर बाद में सरकार ने पैरवी ही नहीं की।
इसकी वजह से 50 हजार लोगों को बेघर होना पड़ेगा। अंबेडकर मिशन के अध्यक्ष जीआर टम्टा ने कहा कि दशकों से रह रही आबादी के घरों को तोड़ना अन्यायपूर्ण और अमानवीय होगा। इस भीषण सर्दी में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमारों, बुजुर्गों को बेघर नहीं किया जाए।
धरने में भाकपा माले, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, एक्टू, अंबेडकर मिशन, उत्तराखंड सर्वोदय मंडल, भीम आर्मी, मूल निवासी संघ, शिल्पकार वेलफेयर सोसायटी, प्रगतिशील महिला एकता मंच, छात्र संगठन आइसा, पछास, जायडस यूनियन, संसेरा यूनियन संगठनों ने समर्थन दिया। इस दौरान डॉ. कैलाश पांडेय, शकील अंसारी, मुकेश बौद्ध, इस्लाम हुसैन, डॉ. कैलाश पांडेय, जोगेंदर लाल, रजनी जोशी, तौफीक अहमद, नफीस अहमद खान, हरीश लोधी, दीपक चन्याल आदि मौजूद थे।
