2024 के चुनाव के बाद कुर्सी से हटाए जाने के डर से नीतीश ने भाजपा का साथ छोड़ा: प्रशांत किशोर
गोपालगंज। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव बाद कुर्सी से हटाए जाने के डर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ छोड़ा है। किशोर ने जन सुराज पदयात्रा के दौरान नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि कुमार मार्च 2022 में उनसे दिल्ली में मिले थे और उनसे उनकी लंबी बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन में इसलिए शामिल हुए हैं कि उन्हें कहीं न कहीं डर और विश्वास दोनों था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत कर आएगी।
ये भी पढे़ं- Air India का ऐतिहासिक फैसला, बेड़े में शामिल होंगे 500 नए जेट, इन कंपनियों को देगी ऑर्डर
चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि मुख्यमंत्री कुमार को यह डर सता रहा था कि भाजपा जीत कर आयेगी है तो दिल्ली में शपथ के बाद सबसे पहले बिहार के मुख्यमंत्री को बदलेगी क्योंकि इसके बाद अगले वर्ष ही बिहार में होने वाला विधानसभा चुनाव भाजपा नीतीश कुमार के नेतृत्व में नहीं लड़ती। इसी डर के कारण नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ चले गए। किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से कोई प्रेम नहीं है और ये भी नहीं है कि राजद नीतीश कुमार को जानती नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक भाजपा का सवाल है तो नीतीश कुमार हर मायने में दिल्ली में भाजपा के साथ है। नीतीश कुमार का भाजपा में जाने का रास्ता खुला रहे इस कारण से कुमार ने हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति बना कर एक खिड़की खोल रखी है।
ये भी पढे़ं- भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए PM मोदी, नड्डा बोले- एक भी विधानसभा चुनाव नहीं हारेंगे
