हल्द्वानी: जमरानी बांध - 704.17 करोड़ की डीपीआर पर आएगी फरवरी में फाइनल रिपोर्ट
हल्द्वानी, अमृत विचार। 48 साल पुराने जमरानी बांध परियोजना पर काम शुरू होने का सपना जल्द ही पूरा हो सकता है। । इस परियोजना के अंतर्गत बांध से पानी लाने और वितरण के लिए पेयजल निगम ने 704.17 करोड़ की डीपीआर अध्ययन के लिए आईआईटी रूड़की को भेजी है।
इससे पूर्व भी जून 2021 में फेज 1 में भूमि अधिग्रहण के लिए 12.70 करोड़ की डीपीआर भेजी। रिवाइज होने के बाद सितंबर 2022 में भूमि अधिग्रहण की पॉलिसी में परिवर्तन के कारण सितंबर 2022 में सॉइल टेस्टिंग के लिए वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलोजी देहरादून और तकनीकी अध्ययन के लिए आईआईटी रूड़की को भेजा गया जिसके लिए 19.91 करोड़ की डीपीआर भेजी गई।
इसके बाद पेयजल निगम ने वाडिया इंस्टीट्यूट और आईआईटी रूड़की के सुझावों के बाद 704.17 करोड़ की डीपीआर बीते जनवरी में भेजी। पेयजल निगम के एई ललित गौड़ ने बताया कि आईआईटी रूड़की की टीम फरवरी में परियोजना क्षेत्र का दौरा करेगी और उसके बाद फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस परियोजना के अंतर्गत शीतलाहाट, दमुवाढुंगा और शीशमहल में तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे जिनमें बांध के पास बनाए जाने वाले 11 मीटर परिधि के कुंए से पाइपलाइन के माध्यम से बांध के पिछले क्षेत्र से अमृतपुर होते हुए शीतलाहाट, दमुवाढुंगा और शीशमहल में पानी लाया जाएगा।
जिसमें दमुवाढुंगा डब्ल्यूटीपी की क्षमता 102 एमएलडी और शीशमहल की 30 एमएलडी शीतलाहाट की 6.5 एमएलडी होगी। इस परियोजना से 105.30 मीट्रिक लीटर पानी प्रतिदिन मिलेगा। इसमें शहर तक पानी पहुंचाने के लिए वन क्षेत्र से होते हुए 16.5 किलोमीटर दोहरी समानांतर पाइप लाइनें पड़ेंगी जिससे शहर की प्यास बुझेगी।
