रामनगर: बर्ड स्टेट बनकर पर्यटकों आकर्षित कर सकता है उत्तराखंड - कैरोल इंसकिप
रामनगर, अमृत विचार। प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी कैरोल इंसकिप ने उत्तराखंड में पक्षियों की प्रजातियों और उनकी संख्या को समृद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को अगर बर्ड स्टेट का दर्जा मिले तो बर्ड वाचिंग के जरिए पर्यटन को भरपूर बढ़ावा मिलेगा।
यूनाइटेड किंगडम की 75 वर्षीय कैरोल इंसकीप ने कहा कि दुनिया में बर्डवाचिंग चौथे नंबर का मनोरंजन कारोबार है। उत्तराखंड इसका लाभ ले सकता है। वह ढेला स्थित द गोल्डन टस्क में अपने सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं। पक्षीविद इनस्किप ने हिमालयी राज्य उत्तराखंड में पक्षी संरक्षण के महत्व विषय पर बोलते हुए हिमालय और उत्तराखंड से अपने लगाव के बारे में यादें ताजा कीं।
बता दें कि कैरोल भारतीय उपमहाद्वीप के पक्षी नामक पुस्तक की सहलेखिका हैं। कैरोल ने बताया कि वह अपने पति टिम के साथ 70 के दशक से भारत की जैवविविधता और पक्षियों का अध्ययन कर रही हैं। उनकी किताब के अब तक सोलह संस्करण छप चुके हैं और पक्षीप्रेमियों में वह खासी पसंद की जाती है। कैरोल ने कहा कि ईको पर्यटन टूरिज्म पर जोर देते हुए कहा कि पर्यटक खासतौर पर बर्ड वॉचर्स यहां पक्षियों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने आते हैं। उत्तराखंड और नेपाल से पर्यटन की तुलना पर कहा कि जितने पर्यटक नेपाल में आते हैं, उतने पर्यटक पूरे हिंदुस्तान में नहीं आते हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय व्यंजन सबसे ज्यादा पसंद हैं। इसी तरह अन्य सैलानियों को भी वह पसंद आते हैं। लिहाजा स्थानीय खानपान की मार्केटिंग जरूरी है। पक्षियों की समृद्धता किसी परिवेश की जैवविविधता की सूचक होती है। कीटों व अन्य जीवों के मुकाबले पक्षी ज्यादा से दिखाई दे जाते हैं।
एक बच्चे द्वारा उनका सबसे प्रिय पक्षी पूछे जाने पर कैरोल ने मोटेल्ड वुड आउल को अपना सबसे प्रिय पक्षी बताया। अनिरुद्ध लखौटिया के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में सुमांतो घोष, संजय छिमवाल, बची बिष्ट, हिमांशु तिरुवा, सुमित लखौटिया, गणेश रावत, मोहन पांडे, मितेश्वर आनंद, संजय लखोटिया आदि मौजूद रहे।
