नैनीताल: हाईकोर्ट ने मांगा जिलाधिकारी से जवाब, टैक्सियों के संचालन का मामला
नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने टनकपुर में टैक्सी संचालकों के द्वारा रोडवेज बस स्टैंड व उसके आसपास के क्षेत्रों से टैक्सियों का संचालन किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
मामले को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की खण्डपीठ ने जिला अधिकारी से तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद की तिथि नियत की है।
जनहित याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2019 में टैक्सी वाहनों के मनमाने संचालन के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायलय ने टैक्सियों का संचालन निर्धारित टैक्सी स्टैंड से कराने का आदेश दिया था। इस आदेश का कुछ समय तक पालन हुआ, उसके बाद टैक्सी संचालको के द्वारा फिर से बस स्टैंड व उसके आसपास के क्षेत्रों से टैक्सियों का संचालन शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से आने-जाने वाले लोगों व बसों कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
टैक्सी संचालक उनके घरों के सामने सुबह 4 बजे से टैक्सियां लगा दे रहे हैं, जिसकी वजह से उनके वाहन भी उनकी पार्किंग से बाहर नहीं आ पा रहे हैं और सवारियों के लिए आपस में झगड़ा भी करते हैं। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि इनका संचालन निर्धारित टैक्सी स्टैंड से ही कराया जाय। इस मामले में टनकपुर निवासी खीम सिंह बिष्ठ ने 2019 में जनहित याचिका दायर की थी।
