Auraiya Double Murder : 26 साल पहले भाई की मौत का गम दिल में भरकर बैठा रहा, फिर ऐसा लिया बदला कि सब रह गए दंग
Auraiya Double Murder औरैया में दोहरे हत्याकांड में दोनों पक्षों में 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
Auraiya Double Murder औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र के भीखापुर में दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से 19 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
औरैया, अमृत विचार। सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भीखापुर में सोमवार की रात्रि गोली हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने दोनों पक्षों से 19 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पहले पक्ष की ओर से ग्राम भीखापुर निवासी दिनेश सिंह ने पुत्र रामवीर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिता रामवीर सिंह 20 फरवरी की रात्रि में विश्राम सिंह के घर पर तेरहवीं संस्कार में खाना खाने गए थे। उसी दौरान उसके पिता की राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुत्र की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अरुण सिंह पुत्र महेंद्र, वीर सिंह पुत्र ध्यान सिंह, अमर सिंह, जगमोहन सिंह पुत्र दयाल सिंह, बृजेश सिंह पुत्र जगमोहन सिंह, चंद्रभान सिंह पुत्र जगमोहन सिंह, रविंद्र सिंह व नरेंद्र सिंह पुत्र सागर सिंह, सोनू सिंह पुत्र हरिश्चंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दूसरे पक्ष की ओर से नरेंद्र सिंह पुत्र सागर सिंह निवासी भीखापुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 20 फरवरी की रात्रि लगभग 8 बजे वह तथा उसका चचेरा भाई अरुण सिंह उर्फ बबलू पुत्र महेंद्र सिंह तेरहवीं संस्कार में निमंत्रण खाने के लिए आया हुआ था। तभी गांव के ही रामवीर सिंह व अन्य लोगों ने घेर कर गाली गलौज करते हुए जान से मारने की नियत से हमला कर दिया। जिस पर अरुण सिंह ने आत्मरक्षा में अपनी राइफल से गोली चला दी।
तभी मोहर सिंह, प्रताप सिंह, श्याम सिंह पुत्र छोटे सिंह, नारायण सिंह, आशु सिंह पुत्र रामवीर सिंह, सुरेंद्र उर्फ गब्बर पुत्र मोहर सिंह, नीलू सिंह व शिवम सिंह पुत्र प्रताप सिंह, गुलशन पुत्र श्यामवीर एवं अंकित पुत्र गिरजेश सिंह ने पकड़ लिया और ईंट पत्थर व लाठी डंडों से पीट-पीटकर मार दिया। यही नहीं पहचान मिटाने के लिए चेहरे को पूरी तरह से कुचल दिया। एसपी चारू निगम ने बताया कि दोनों पक्षों से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
26 साल बाद लिया भाई की मौत का बदला
सदर कोतवाली के गांव भीखापुर बरीपुर माफी में शिक्षामित्र रामवीर की गोली मारकर हत्या किए जाने के पीछे पुरानी रंजिश का मामला प्रकाश में आया है। इसी के चलते अरूण उर्फ बबलू सेंगर ने रामवीर की सोमवार की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक अरूण के चचेरे भाई नरेंद्र सिंह ने बताया कि 6 मार्च 1997 को अरूण के बड़े भाई की हत्या रामवीर व उनके अन्य साथियों ने मिलकर कर दी थी। तब से दुश्मनी चली आ रही है। आरोप है कि रंजिश के चलते अरूण गांव छोड़कर शहर के ब्रह्मनगर मोहल्ले में रहने लगे थे। सोमवार की देररात अरूण भीखापुर गांव में त्रयोदशी संस्कार में शामिल होने गए थे, उसी बीच रामवीर और अरूण के बीच विवाद हुआ। आत्मरक्षा ने बबलू ने लाइसेंसी रायफल से फायर कर दिया। जिसमें रामवीर की मौत हो गई।
