अल्मोड़ा: पेयजल संकट और वनाग्नि से निपटना भी मुश्किल
अल्मोड़ा, अमृत विचार। पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होना इस बार पर्वतीय जिलों के लिए कष्टकारी साबित हो सकता है। पर्वतीय जिलों को पेयजल मुहैया कराने वाली कोसी, रामगंगा, सरयू, काली, गोरी, सुयाल, विनोद जैसी नदियों के सहायक पेयजल श्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे तापमान थोड़ा और बढ़ते ही इन नदियों का जल स्तर कम हो सकता है।
इससे पर्वतीय जिलों में पेयजल का हाहाकार भी मच सकता है। वहीं, फायर सीजन की शुरूआत में ही इन जिलों में जंगल आग से धधकने लगे हैं। भीषण गर्मी पड़ी तो जंगलों की यह आग और विकराल रूप लेगी, जिससे वन संपदा और जीवों को खासा नुकसान पहुंच सकता है।
