पिथौरागढ़: 'नहीं चाहिए दूसरा जोशीमठ', धारचूला में छिड़ा जन आंदोलन
पिथौरागढ़, अमृत विचार। स्थानीय लोग टीडीएचसी द्वारा प्रस्तावित दारमा घाटी में बुकांग बालिंग हाइड्रो प्रोजेक्ट से काफी आक्रोशित हैं। उनका कहना है की दारमा गावं के पहाड़ कमजोर हैं जिसके चलते यहां दूसरा जोशीमठ बनने की संभावना पैदा हो सकती है।
दारमा संघर्ष समिति की अध्यक्ष पूरण सिंह ग्वाल का कहना है कि अगर ये प्रोजेक्ट पूर्ण हो जाता है तो दारमा घाटी के 7 गावं को इसका दुष्प्रभाव झेलना पड़ेगा और जोशीमठ जैसी दरारें आ जाएंगी। इसके चलते उन्होंने सोमवार को जन आन्दोलन छेड़ा जिसमें वह 'टीडीएचसी वापस जाओ', 'विकास के नाम पर विनाश नहीं चाहिए' और 'देवभूमि से छेड़-छाड़ बंद करो' के पोस्टर और बैनर के साथ सामने आए।
आन्दोलनकारियों ने एसडीएम दिवेश सासनी को ज्ञापन सौंपते हुए हाइड्रो प्रोजेक्ट को निलंबित करने की मांग जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए ज्ञापन दिया जिसमें दारमा घाटी के राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से संवेदनशील होने का डर जताया क्योंकि वह चीनी सरहद से सिर्फ 35 कीमी की दूरी पर है।
