हल्द्वानी: गौला नदी में शीशमहल से शांतिपुरी तक फिर शुरू होगा खनन

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Edited By Amrit Vichar
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 हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में रविवार से सभी 11 गेटों पर फिर से खनन शुरू होगा। अब वाहनों को अधिकतम 108 कुंतल उपखनिज निकासी की ही अनुमति मिलेगी। 

गौला नदी में खनन लीज  28 फरवरी को समाप्त हो गई थी। वन विकास निगम दावा कर रहा था कि  नदी की खनन लीज बढ़ गई है लेकिन लिखित आदेश देरी से मिला। वहीं तराई पूर्वी वन डिवीजन के डीएफओ संदीप कुमार ने भी गौला नदी में खनन का कार्यादेश शनिवार को जारी किया है।

इसके बाद वन निगम ने भी स्पष्ट किया है कि नदी के सभी 11 गेटों पर रविवार से खनन होगा। कार्यादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि टाइगर कॉरिडोर प्रतिबंधित क्षेत्र करीब 24 हेक्टेयर में खनन नहीं होगा। इधर, वाहनों से उपखनिज निकासी को लेकर वजन भी निर्धारित किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वाहनों से अधिकतम 108 कुंतल उपखनिज की निकासी के लिए निर्धारित की गई है। इससे अधिक निकासी करने पर पूर्व की भांति कार्रवाई की जा सकती है। 

गौला नदी में शीशमहल से शांतिपुरी तक 1473 हेक्टेयर में खनन होगा हालांकि यह इलाका पूर्व में 1497 हेक्टेयर था लेकिन टाइगर कॉरिडोर के प्रतिबंधित क्षेत्र को देखते हुए 24 हेक्टेयर में कमी की गई है। नदी से अधिकतम 54.25 लाख घनमीटर उपखनिज की निकासी होगी और 31 मई तक खनन होगा। 


गौला  नदी में खनन का कार्यादेश जारी होने के बाद पांच मार्च से फिर से खनन शुरू होगा। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में वाहनों से 108 कुंतल उपखनिज की ही निकासी की जाएगी। 
= आनंद कुमार, डीएलएम खनन, वन विकास निगम

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