अपने जमाने के इमाम की मारेफत जरूरी है :मौलाना मोहसिन
अमृत विचार, अयोध्या। शहर में पहली बार इमाम-ए-ज़माना अलैहिस्सलाम के मुतालिक़ एक मखसूस प्रोग्राम सलाम फरमान्दा मदरसा ए नूरे इस्लाम व मौलाना जाफर रज़ा आबिदी साहब इमाम-ए-जुमा की कयादत में किया गया।
प्रोग्राम की शुरुआत हदीस-ए- किसा से हुई। जिसे मौलाना काज़िम साहब ने पढ़ी। उसके बाद मदरसे के बच्चों ने इमाम-ए-जमाना अलैहिस्सलाम के मुतालिक प्रोग्राम पेश किये। मौलाना मोहम्मद मोहसिन प्रिंसिपल वसीका अरबिक कॉलेज ने कहा कि अपने ज़माने के इमाम की मारेफत ज़रूरी है। अगर किसी के पास अपने ज़माने के इमाम की मारेफ़त नही है और वो मर जाता है तो वो जाहिलयत की मौत मरता है। मौलाना अफजाल हैदर नजफी ने कहा हमको इमाम के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। मदरसे के बच्चों ने सलाम या फरमान्दा तराना अर्श अब्बास की कयादत में पढ़ा।
मौलाना नदीम रज़ा ज़ैदी, नूर फैज़ाबादी, जफर अब्बास ने बच्चों को ईनाम दिया। दानिश फैज़ाबाद, सैफ हैदर ने अपने कलाम पेश किए। आखरी तक़रीर में मौलाना नदीम रज़ा ज़ैदी ने मौलाना अहमद अली आबिदी और मौलाना जाफर रज़ा आबिदी की सराहना की। संचालन मौलाना मोहम्मद काज़िम साहब ने किया। मौलाना हैदर अब्बास, मौलाना मंज़र अब्बास, मौलाना महफ़ूज़ व मुबारक अली, डा. शहाब शाह, इज़हार हुसैन आदि मौजूद रहे।
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