अयोध्या : प्राधिकरण की भूमि पर ही कब्जा कर ले ली पीएम आवास की धनराशि

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Edited By Amrit Vichar
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भरतपुरी कालोनी का मामला, लोगों ने डीएम व प्राधिकरण उपाध्यक्ष से की शिकायत

 बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल के खेल मैदान पर भी किया कब्जा

अयोध्या, अमृत विचार। नगर में अवैध कालोनियों की भरमार और डूब क्षेत्र में अवैध कब्जे के बीच अब सनसनीखेज मामला सामने आया है। अवैध कब्जे को लेकर कार्रवाई की डुगडुगी बजाने वाले अयोध्या विकास प्राधिकरण की भूमि पर ही अवैध कब्जा हो गया और उसे खबर तक नहीं लगी। इतना ही नहीं इसी सरकारी भूमि को कूटरचित तरीके से अपना दिखा कर कब्जेदारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई - ढाई लाख रुपये भी ले लिए। अब जब बुधवार को प्राधिकरण और जिलाधिकारी कार्यालय तक शिकायत पहुंची तो जांच - जांच का खेल शुरु कर दिया गया है।

मामला परिक्रमा मार्ग स्थित भरतपुरी कालोनी से जुड़ा हुआ है। यह कालोनी और वहां की भूमि दोनों अब प्राधिकरण के अधीन आती है। कई बार शिकायत के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो बुधवार को कालोनी निवासियों ने पहले प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह और उसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी है। कृषि विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त कर्मी विजयपाल सिंह की ओर से शिकायती पत्र दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि 1974 में निर्मित भरतपुरी कालोनी में 16 आवंटित परिवार निवास करते हैं। कालोनी में प्राथमिक पाठशाला भी संचालित है। आरोप है कि स्कूल के खेल और सामुदायिक भवन की भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। शिकायत है कि यहां छह लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर अपने मकान बना लिए हैं। इतना ही नहीं कूटरचित ढंग से फर्जी कागजों के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई-ढाई लाख रुपये भी प्राप्त कर लिए हैं और अब दो - मंजिला मकान बना रहे हैं। शिकायतकर्ता विजयपाल सिंह ने बुधवार को बताया कि प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने जांच करा कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी से भेंट न हो पाने के कारण वहां प्रार्थना पत्र दे दिया गया है। कालोनी के लोगों का कहना है कि एक बार शिकायत पर प्राधिकरण उपाध्यक्ष आए थे, मौका देख गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में प्राधिकरण उपाध्यक्ष के मोबाइल पर सम्पर्क किया गया तो काल रिसीव करने वाले कर्मी ने बताया कि ' साहब अभी मीटिंग में हैं, कुछ लोग आए थे शिकायत दे गए हैं'। 

गांव में ही नहीं शहर में भी सक्रिय हैं दलालों का काकस

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अपात्रों और कूटरचित तरीके से लाभ दिलाने वाला काकस गांवों में ही नहीं शहर में भी सक्रिय हैं। भरतपुरी कालोनी में जिन अपात्रों को ढाई-ढाई लाख की धनराशि मिली है उसके कूटरचित दस्तावेज राठहवेली के एक काकस की देन बताए जाते हैं। सूत्रों के अनुसार इसी काकस ने फर्जी दस्तावेज के सहारे अपात्रों को योजना का लाभ दिला दिया। इस काकस के सम्पर्क विकास भवन तक संबधित विभाग से जुड़े हुए हैं। हालांकि इस बाबत कोई अधिकारी कुछ बोलने को नहीं तैयार है।

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