IOC के अध्यक्ष Thomas Bach ने कहा- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूसी एथलीटों के खेलने में कोई बुराई नहीं
लुसाने। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाच ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन युद्ध के बावजूद रूसी और बेलारूसी एथलीटों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में हिस्सा लेने में कोई बुराई नहीं है। बाच ने आईओसी की कार्यकारी समिति की बैठक से पहले कहा, अंतरराष्ट्रीय खेलों में रूसी और बेलारूसी पासपोर्ट वाले एथलीटों के भाग लेने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा, हम टेनिस सहित कई खेलों में ऐसा देखते हैं। हम साइकिलिंग, टेबल टेनिस, आइस हॉकी, हैंडबॉल, फुटबॉल और कई अमेरिकी लीगों में, यहां तक कि यूरोप में भी (उन्हें भाग लेते हुए) देखते हैं। इनमें से किसी प्रतियोगिता में सुरक्षा संबंधी समस्या पेश नहीं आयी।
गौरतलब है कि आईओसी ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद रूसी और बेलारूसी एथलीटों पर प्रतिबंध लगा दिया था, हालांकि अब वह खिलाड़ियों को पेरिस ओलंपिक 2024 में क्वालीफाई करने के लिये अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए देखना चाहता है। रूसी और बेलारूसी एथलीट स्वतंत्र रूप से कई खेल आयोजनों में भाग ले रहे हैं, हालांकि अन्य खिलाड़ियों ने इस पर लगातार आपत्ति जताई है। हाल ही में भारत में हुई महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में रूसी खिलाड़ियों के भाग लेने के कारण 10 से ज्यादा देशों ने इस आयोजन का बहिष्कार किया था।
यूक्रेनी खिलाड़ियों ने भी कहा है कि अगर रूसी और बेलारूसी एथलीट पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लेते हैं, तो वे आयोजन का बहिष्कार करेंगे। बाच ने कहा, जिन देशों में आयोजन हो रहा है वे इन्हें (रूसी और बेलारूसी एथलीट) वीज़ा दे रहे हैं। कई देश इन एथलीटों को अपनी सरज़मीन पर काम करने की अनुमति भी दे रहे हैं। राजनीति को खेल के बीच नहीं आना चाहिये। हम हर किसी को खुश नहीं कर सकते। हमें इसके साथ जीना होगा।
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