मुरादाबाद : अवैध अभिरक्षा के आरोपों से घिरी मझोला पुलिस, सीजेएम ने बैठाई जांच

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Edited By Amrit Vichar
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एसडीएम सदर 31 मार्च तक कोर्ट में दाखिल करेंगे जांच रिपोर्ट, पुलिस की कारगुजारी थाने की सीसीटीवी फुटेज में कैद होने का दावा

मुरादाबाद, अमृत विचार। दो लोगों को अवैध रूप से पुलिस अभिरक्षा में रखने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तलब कर ली है। कोर्ट के सख्त रुख से पुलिस के चेहरे पर जहां चिंता की लकीरें हैं, वहीं कोर्ट की शरण में पहुंचे पीड़ितों की नजर एसडीएम सदर की जांच रिपोर्ट पर गड़ी है। कोर्ट का आदेश जारी होने के बाद से ही उपजिलाधिकारी सदर आरोपों की तह तक जाने में जुटे हैं।

सिटी कोतवाली क्षेत्र में रेती स्ट्रीट की रहने वाली संगीता शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। महिला ने कोर्ट को बताया कि 16 मार्च से ही उनका भाई विकास शर्मा उर्फ गुग्गू मझोला पुलिस की अवैध अभिरक्षा में है। अंतिम बार 23 मार्च को उन्होंने अपने भाई को मझोला थाने में देखा था। महिला ने दावा किया कि 22 मार्च की रात नौ बजे से 12 बजे के बीच उनका भाई थाने के हाल में बैठा था। महिला ने अपने भाई का सर्च वारंट जारी करने की मांग करते हुए मझोला थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे की वीडियो फुटेज की जांच कराए जाने की मांग की। 

महिला की मांग पर कोर्ट ने मझोला पुलिस से जवाब तलब किया। तब मझोला पुलिस ने आरोपों का खंडन करते हुए विकास शर्मा को अभिरक्षा में रखने से इनकार कर दिया। हालांकि सीजेएम कोर्ट में ऐसी ही एक याचिका हरथला निवासी दिव्या सिंह की तरफ से दाखिल की गई है। उन्होंने भी अपने पति खुशवंत सिंह को कई दिनों तक मझोला पुलिस की अवैध अभिरक्षा में होने का आरोप मढ़ा। जबकि खुशवंत सिंह को सिविल लाइंस पुलिस ने 27 मार्च को कुशांक गुप्ता हत्याकांड में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जेल में है। उक्त दोनों मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को सीजेएम कोर्ट ने आरोपों की जांच एसडीएम सदर को सौंप दी। कोर्ट ने तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट भी तलब की है। ऐसे में सभी की नजर एसडीएम सदर की जांच रिपोर्ट पर गड़ गई है।

मझोला पुलिस ने अवैध तरीके से कई दिनों तक विकास शर्मा को थाने में कैद रखा। सेक्शन 97 सीआरपीसी के तहत पीड़िता की तरफ से कोर्ट में याचिका दाखिल की। मझोला पुलिस के हलफनामे के बाद कोर्ट ने आरोपों की जांच एसडीएम सदर को सौंपी है। 31 मार्च तक जांच रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में पेश होगी।-अभिषेक शर्मा, अधिवक्ता।

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