बरेली: पारा चढ़ते ही शुरू हुआ मौत की डुबकी का व्यापार, अवैध स्विमिंग पूल फिर हुए शुरू
दोहरा रोड पर बने अवैध स्वीमिंगपूल में तैराकी करते बच्चे(फोटो)
बरेली, अमृत विचार। पारा चढ़ने के साथ अवैध स्विमिंग पूल का संचालन शुरू हो गया है। यहां सुरक्षा मानकों के नाम पर भी कुछ नहीं है। इस वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। गत वर्ष अवैध स्विमिंग में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई थी। जिले में ऐसे करीब एक दर्जन से अधिक स्वीमिंग पूल संचालित किए जा रहे हैं, मगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
प्रोफेशन खिलाड़ियों को तो स्वीमिंग पूल के खतरों के बारे में बखूबी पता होता है, लेकिन शौकिया लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है। ऐसे में उनकी जान पर हर समय खतरा बना रहता है। शहर से दूर देहात इलाकों में जैसे करमपुर चौधरी, आंवला, दोहरा रोड, नवाबगंज आदि स्थानों पर अवैध तरीके से स्वीमिंग पूल संचालित हो रहे हैं।
इनके निर्माण में न तो अंतरराष्ट्रीय मानकों का ध्यान रखा गया है और न ही यहां पर तैराकी के समय सुरक्षा की कोई व्यवस्था होती है। एक छोटा सा पूल बनवा कर लोगों से मोटी फीस वसूली जाती है। प्रत्येक स्वीमिंग पूल में घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाता है, जिसकी 50 रुपये से कम फीस नहीं है। वर्तमान में स्वीमिंगपूल और वॉटर पोलों के लिए पूल की लंबाई 50, चौड़ाई 25 और गहराई दो मीटर होनी चाहिए।
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन में खेल विभाग के पास किसी भी स्वीमिंग पूल के पंजीकरण व लेखा-जोखा की जानकारी रखना दर्ज नहीं है। फिलहाल हमारे पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में शासन-प्रशासन की ओर से निर्देश मिलने पर अनुपालन किया जाएगा---जितेंद्र यादव, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।
अवैध स्वीमिंगपूल में नियमों व सुरक्षा को ताक में रखना खतरनाक है। पिछले साल लगभग 4 मौतें हुई थीं। प्रशासन की ओर से अभी से इन अवैध स्वीमिंगपूल पर लगाम कसनी चाहिए----सुनील मित्तल, सचिव, जिला तैराकी संघ।
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