हल्द्वानी: जंगलों में धर्म की आड़ पर हो रहे अतिक्रमण पर रोक लगाएं - डा.धकाते
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के नोडल अधिकारी मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने पश्चिमी वन वृत्त के प्रभागीय वनाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने धार्मिक अवस्थापनाओं की आड़ में हो रहे अतिक्रमण को रोकने और चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को रामपुर रोड स्थित वन पंचायत कार्यालय में हुई बैठक में डॉ. धकाते ने कहा कि शिकायतें मिली हैं कि आर्थिक गतिविधियों की वजह से वन भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है। पहला, जंगल और नदी किनारे खाने-पीने की झोपड़ीनुमा दुकानें लगा दी जाती हैं, बाद में यही पक्का अतिक्रमण हो जाता है। दूसरा, जंगलों में चादरें वगैरह बिछाकर रुपये फेंक दिये जाते हैं फिर धीरे-धीरे धर्म की आड़ में स्ट्रक्चर बना दिए जाते हैं।
यह भी बाद में पक्का अतिक्रमण हो जाता है। इन अतिक्रमण का मकसद सिर्फ रुपयों की उगाही होता है। इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को ऐसे निर्माणों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह के अतिक्रमण का डाटा इकट्ठा किया जाए। फिर डाटा मिलने के बाद अतिक्रमण हटाने की रणनीति बनाई जाएगी।
डॉ. धकाते ने सख्त लहजे में कहा कि जंगलों में अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। जंगल में बाउंड्री पिलर्स लगाने के लिए बजट आवंटित किया जा रहा है। यह वन अफसरों की जिम्मेदारी है कि तत्कालिक तौर पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकना है। हाल-फिलहाल में हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए नोटिस देना, जहां पूर्व में नोटिस दिए जा चुके हैं उनकी डीएफओ कोर्ट में सुनवाई और रिक्ति के आदेश पर अतिक्रमण ध्वस्त करवाना है। उन्होंने वन भूमि के लीजधारकों को लीज समाप्ति पर लीज नवीनीकरण करवाने की अपील की।
