विश्व मलेरिया दिवस: सीएमओ ने दी सलाह- तेज बुखार होने पर जरूर कराएं छह प्रकार की जांच

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जागरूकता से ही मलेरिया व अन्य बीमारियों पर पाया गया काबू

अमृत विचार, बस्ती। अगर तेज बुखार है, तो अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर जांच जरूर कराएं। गंभीर बुखार के मरीजों की छह प्रकार की जांच अस्पताल में की जा रही है। यह कहना है सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा का। उन्होंने कहा कि जागरूकता के कारण आज मलेरिया सहित कई अन्य गम्भीर बीमारियों पर काबू पाया जा सका है।

यह बातें उन्होंने श्रीमती कृष्ण कुमारी पांडेय गर्ल्स  इंटर कॉलेज में विश्व मलेरिया दिवस पर मंगलवार को आयोजित गोष्ठी में छात्राओं व शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कही। प्रधानाचार्य डॉ. सुरभि सिंह ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मलेरिया को समाप्त करने में सहयोग की शपथ दिलाई। छात्राओं ने मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर तैयार किए। कार्यक्रम का आयोजन रोटरी क्लब सेंट्रल ने किया। 

एसीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. एफ हुसैन ने बताया कि मलेरिया एक विशेष प्रकार के एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर आम तौर से ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। अगर घर के आस-पास स्वच्छता पर ध्यान दिया जाए और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग किया जाए तो बीमारी से बचा जा सकता है। अब तेज बुखार होने की दशा में मलेरिया के साथ-साथ जेई, चिकनगुनिया, डेंगू स्क्रब्टॉयफस, और लेप्टोस्पॉयरोसिस की जांच भी अस्पताल में कराई जा रही है।

जिला मलेरिया अधिकारी आइए अंसारी ने बताया कि बुखार होने की दशा में तत्काल 108 नंबर एम्बुलेंस को कॉल करें। नजदीकी सीएचसी पर जाकर प्राथमिक जांच कराएं। बताया कि पिछले चार साल से जिले में मलेरिया का एक भी केस रिपोर्ट नहीं किया गया है, इसकी सबसे बड़ी वजह विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान कार्यक्रम है। रोटरी क्लब मिडटाउन के अध्यक्ष मुनीरूद्दीन अहमद और स्वास्थ्य विभाग के  की तरफ से राम नयन, रविंद्र चौधरी, इंद्रजीत, विपिन वर्मा, संतोष पांडेय, शिल्पा, संध्या, विशाल, नदीम प्रमुख तौर पर मौजूद रहे। 

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छात्राओं ने बताए मलेरिया के कारण व बचाव के तरीके
गोष्ठी के दौरान छात्राओं ने भी अपनी बात रखी । कक्षा 12 की छात्रा प्रिया शर्मा ने मलेरिया रोग कैसे फैलता है तथा उसके लक्षण के बारे में विस्तार से बताया। छाया चौरसिया ने विश्व मलेरिया दिवस मनाए जाने का कारण बताते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में रोग के प्रति जागरूकता पैदा करना है। निधि शुक्ला ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि अभियान चलाकर जनता का ध्यान बीमारी से बचाव पर केंद्रित करें। सौम्या त्रिपाठी व स्नेहा चौरसिया ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम काफी उपयोगी रहा है।

मलेरिया के प्रमुख लक्षण-
- सर्दी, कम्पन के साथ बुखार
- तेज बुखार व सिरदर्द
- बुखार उतरते समय शरीर पसीना-पसीना होना
- बार-बार उल्टी होना, भूख न लगना
- पेशाब में जलन, मूत्र का कम आना या लाल होना

मलेरिया से बचाव का तरीका-
- घर के आस-पास पानी न जमा होंने दें। 
- घर में रखे बर्तन, कूलर आदि में जमा पानी को सप्ताह में एक बार जरूर खाली कर दें। 
- ठहरे हुए पानी जैसे कुआं, तालाब में गम्बुजिया मछली डालें। 
- मच्छर से बचाव के लिए कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का ही प्रयोग करें। 
- मच्छरदानी या मच्छरविनाशक दवा के बगैर न सोएं। 
- घर के दरवाजे व खिड़कियों पर जाली का प्रयोग करें। 
- घर के सभी कमरों में मच्छररोधी दवा का छिड़काव करें, छिड़काव के तीन माह तक कमरों की रंगाई-पुताई न कराएं। 
- तेज बुखार होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।

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