रुद्रपुर: कंपनी प्रबंधन बोला...किसी भी श्रमिक को नौकरी से नहीं निकाला
खटीमा, अमृत विचार। फाइबर्स फैक्ट्री के श्रमिकों के आंदोलन पर फैक्ट्री प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने किसी कर्मी को कंपनी से नहीं निकाला है। तीन प्लांट में से एक नंबर प्लांट के गत्ता उत्पादन की डिमांड न होने के कारण 107 कर्मियों को 45 दिन के ले ऑफ में रखा गया। जो नियमित उपस्थित दर्ज कराएंगे।
कंपनी के सीएमडी डॉ. आरसी रस्तोगी ने कहा कि प्लांट के चलने की स्थिति में सबसे पहले इन कर्मियों को पुनः बुलाया जाएगा। ले ऑफ के 107 में से 9 कर्मियों की आवश्यकता होने पर उनको बुला लिया गया। वर्तमान में 98 कर्मी ले ऑफ पर हैं।
बता दें कि बीते कुछ दिनों से खटीमा फाइबर्स के कई श्रमिक तहसील में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन कर्मियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया था कि उनको कार्य में नहीं लिया जा रहा है और उनको कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है। इस मामले में एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने श्रम प्रर्वतन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट से जानकारी ली थी।
बुधवार को सीएमडी ने फैक्ट्री के गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता कर प्रबंधन का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रबंधन ने किसी भी कर्मी को नहीं हटाया है। कहा कि वर्तमान में पेकिंग के गत्ते की डिमांड कम व कीमत उत्पादन लागत से भी कम आ रही है, इस पर एक नंबर प्लांट को आर्डर आने तक बंद किया गया है।
जबकि 2 नंबर प्लांट में सफेद कागज, 3 नंबर प्लांट ब्राउन पेपर बनता है जिसकी डिमांड होने पर उत्पादन जारी है। कहा कि 6 अप्रैल को प्लांट बंद होने पर 402 कर्मियों को ले ऑफ पर रखा गया था। प्लांट संख्या 2 व 3 सुचारु होने पर 19 अप्रैल को 295 कर्मियों को प्रबंधन द्वारा कार्य पर बुलाया गया।
महाप्रबंधक शंकर सिंह रावत की ओर से 25 अप्रैल को जारी आवश्यक सूचना से अवगत कराया गया। जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी कर्मी को गेट के अंदर आने से रोका नहीं जा रहा है। 5 अप्रैल को नोटिस लगाया गया था। सभी कर्मियों को अपनी निर्धारित शिफ्ट में कंपनी आकर अपनी उपस्थिति लगानी है। 24 अप्रैल को उप जिलाधिकारी द्वारा कारखाने का निरीक्षण किया गया।
उपस्थित दर्ज कराएं, आधा वेतन मिलेगा
खटीमा। निरीक्षण के दौरान सुरक्षाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मी को कार्ड पंच करने से नहीं रोका है। बाहरी तत्वों के द्वारा कर्मियों को भड़काया जा रहा है। ले ऑफ पर रखे कर्मियों को सूचित किया कि निर्धारित शिफ्ट में समयानुसार आकर अपना कार्ड पंच करें, जिससे कंपनी में उपस्थिति माना जाएगा व उपस्थिति के आधार पर नियमानुसार 50 प्रतिशत वेतन का भुगतान किया जाएगा। कार्ड पंच न करने पर अनुपस्थित माना जाएगा।
सीएमडी डॉ. रस्तोगी ने कहा कि उन्होंने आंदोलनरत कर्मियों को आश्वस्त किया कि उनके उद्योग में 70 प्रतिशत कर्मी स्थानीय हैं। रोजगार देने उनका उददेश्य है। गत्ते का आर्डर मिलने पर एक नंबर प्लांट चालू होते ही सभी को काम पर बुलाया जाएगा। उन्होंने आंदोलन स्थगित कर ले ऑफ के कर्मियों को उपस्थिति दर्ज कराने को कहा। कहा कि 28 अप्रैल को रुद्रपुर में डीएलसी कार्यालय में वार्ता है। जिसमें प्रबंधन भी अपना पक्ष रखेगा।
तहसील परिसर में श्रमिकों का धरना जारी
खटीमा। फाइबर्स के आंदोलनरत श्रमिकों का बुधवार को भी तहसील परिसर में धरना जारी रहा। कर्मियों ने कहा कि 28 अप्रैल को डीएलसी कार्यालय में हो रही वार्ता में अपना पक्ष रखेंगे। अखिलेश्वर, अनुपम, सत्यम समेत अनेक कर्मियों ने धरना दिया। अखिलेश्वर ने बताया कि उनका उचित समाधान न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट से भी श्रमिक मिले और अपनी बात रखी।
