रुद्रपुर: सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ायी जाए बजट की धनराशि
पिछले वित्तीय वर्ष के 54 करोड़ के बजट के सापेक्ष इस वर्ष जिला योजना में 26 प्रतिशत बजट में वृद्धि
प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जिला योजना समिति की बैठक
रुद्रपुर, अमृत विचार। कैबिनेट व जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि नया वित्तीय वर्ष 2023-2024 चल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष के 54 करोड़ के बजट के सापेक्ष इस वर्ष जिला योजना में लगभग 26 प्रतिशत वृद्धि के साथ 68.67 करोड़ का बजट है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का जमाना है। इस कारण इस क्षेत्र में बजट को सर्वाधिक बढ़ाया जा रहा है। जिला योजना समिति के सम्मुख प्रस्तुत विभिन्न विभागों के 80 करोड़ रुपये के सापेक्ष 73 करोड़ रुपये की योजनाएं प्रस्तुत करने को कहा।
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला योजना समिति की बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिला योजना के तहत विभागवार प्रस्ताव और बजट का फाइनल अनुमोदन आगामी जिला योजना समिति की बैठक में किया जाएगा। जिला योजना समिति की आगामी बैठक 29 अप्रैल को आयोजित की जाए।
विधायक आदेश सिंह चौहान और जिला योजना समिति के कुछ सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि जिला योजना में उनके प्रस्ताव शामिल नहीं किए गए हैं। जिस पर प्रभारी मंत्री ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए कि समिति सदस्यों, विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को शामिल किया जाए और समिति के सदस्यों को बैठकों के बारे में दूरभाष पर भी जानकारी दी जाए।
उन्होंने समिति के प्रत्येक सदस्य से प्राथमिकता के आधार पर 5-5 योजनाएं उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही कहा कि जिला योजना के तहत हो रहे कार्यों का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराया जाएगा। कार्यों में ओवर लेपिंग न हो और कार्यों को अधिक से अधिक कन्वर्जेन्स और क्लस्टर आधारित किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष जिला योजना 6867.77 लाख रुपये की है, जिसमें एससीएसपी मद में 951 लाख तथा टीएसपी में 753 लाख रुपये व सामान्य मद में 5163.77 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
ब्लॉक स्तर पर एएनएम को दें नई व्यवस्था की जानकारी
जिलाधिकारी ने पेयजल निगम के अभियंताओं को निर्देश दिये कि पुनः बोरिंग एवं मरम्मत कार्य के बाद जिला पंचायत एवं डीपीसी सदस्यों से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाये। योजना समिति के एक सदस्य ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कतें आ रहीं हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिये कि जनपद में ब्लॉक स्तर पर एएनएम को नई व्यवस्था के बारे में जानकारी के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अखिल भारतीय स्तर पर एक नया सिस्टम बनाया गया है।
