बरेली: चुनाव आयोग ने माना निर्दलीय, सपा शराफत सेठ को मान रही पार्टी प्रत्याशी
बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के लखनऊ में बैठे नेताओं द्वारा बार-बार टिकटों की अदला बदली करने का असर अब घोषित प्रत्याशी पर पड़ रहा है। फरीदपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए लखनऊ के सपा नेता एक सप्ताह तक एक नाम के दो प्रत्याशियों के टिकट की अदला-बदली करते रहे। एन वक्त पर दो बार चेयरमैन रह चुके शराफत हुसैन के नाम को फाइनल किया तो अधिकृत प्रत्याशी तय समय तक निर्वाचन कार्यालय में अपना सिंबल जमा नहीं कर पाए। ऐसे में पार्टी ने जिस शराफत हुसैन को पार्टी का सिंबल देकर नाम रद किया, उसे ही चुनाव आयोग ने पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी मान लिया, क्योंकि उसी के पास चुनाव चिह्न था। अब बरेली के नेता प्रेसवार्ता के जरिए जनता को समझाने में लगे हैं कि चुनाव आयोग ने जिस शराफत को निर्दलीय माना है, उसे ही सपा प्रत्याशी माना जाए।
फरीदपुर नगर पालिका अध्यक्ष की सीट सपा को पाना मशक्कत भार लग रहा है। हुआ यूं कि पार्टी नेताओं की बैठकों में फरीदपुर से पूर्व विधायक विजयपाल ओर अन्य नेताओं की संस्तुति पर शराफत हुसैन उर्फ शराफत सेठ पुत्र हाजी अब्दुल्ला के टिकट की संस्तुति की गई थी। यह दो बार के चेयरमैन रह चुके हैं। शराफत सेठ को 18 अप्रैल को पार्टी कार्यालय से पत्र मिल गया तो उन्होंने 20 अप्रैल को नामांकन कर दिया।
23 अप्रैल को शराफत उर्फ जरी वाले पुत्र नसीम अहमद लखनऊ पहुंचे और अपना टिकट करा लिया। पार्टी ने शराफत सेठ का पत्र निरस्त करते हुए शराफत जरी वाले को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया। पार्टी का चिह्न लेकर शराफत जरी वाले ने अपना नामांकन करा दिया। यह जानकर शराफत सेठ उसी दिन लखनऊ पहुंचे और मशक्कत के बाद नेताओं से मिलकर अपनी बात रखी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने शराफत जरी वाले का प्रारूप 7क निरस्त करते हुए शराफत सेठ को अधिकृत प्रत्याशी मानते हुए निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा। 24 अप्रैल नामांकन की आखिरी तारीख थी। 3 बजे तक सभी औपचारिकताएं पूरी करनी थीं, लेकिन तय समय तक शराफत सेठ पार्टी द्वारा दिया गया चुनाव चिह्न वाला प्रारुप 7क जमा नहीं कर पाए।
शुक्रवार को चुनाव चिह्न वितरण के दिन पार्टी के साथ घोषित प्रत्याशी की भी फजीहत हो गई। निर्वाचन आयोग ने पार्टी का सिंबल जमा नहीं कर पाने के कारण शराफत सेठ को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर टेबिल फैन चुनाव चिह्न आवंटित किया और जिन शराफत जरी वाले को पार्टी का नाम निरस्त किया वह अब सपा के चुनाव चिह्न से मैदान में डटे हैं।
लखनऊ के नेताओं के अदला-बदली के खेल को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी जिले के नेताओं को दी गई तो शुक्रवार को जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, विजय पाल, शमीम सुल्तानी सहित कई नेताओं ने फरीदपुर में प्रेसवार्ता की और बताया कि प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम द्वारा जारी पत्र के अनुसार पार्टी शराफत सेठ को ही अधिकृत प्रत्याशी मान रही है। उन्हीं को जिताने के लिए कार्यकर्ता जुट जाएं।
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