रुद्रपुर: जीआईएस संचालक की गिरफ्तारी को गठित की एसआईटी

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। कम धन लगाकर मोटी रकम कमाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन हो गया है। जहां एक ओर एसआईटी की एक टीम ने पीड़ितों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। वहीं, दूसरी ओर गठित टीम जल्द की संभावित ठिकानों पर दबिश देकर गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर सकती है।

बताते चलें कि आवास विकास में ग्लोबल इंडिया सर्विस नाम से एक कार्यालय खुला था। जिसका संचालन हरियाणा के धर्मेंद्र कुमार द्वारा किया जा रहा है। जीआईएस द्वारा लोगों को पहले कम धन लगाकर मोटी रकम कमाने का प्रलोभन दिया गया और उपहार के तौर पर स्कूटी भी वितरित की। जब लोग उसके जाल में फंस गए तो जीआईएस ने होली ऑफर निकाला और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पैसा लगाने का आह्वान किया। जिसके झांसे में आकर कुमाऊं भर के लोगों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन मोटी रकम लगा दी। फरवरी में अचानक लोगों ने देखा कि जीआईएस का कार्यालय बंद पड़ा हुआ है तो उन्हें ठगी की भनक लगी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। जिसके आधार पर पता चला कि जीआईएस का संचालक तकरीबन 5.21करोड़ का चूना लगाकर फरार हो चुका है। मामले की एसआईटी जांच पूरी होने के बाद एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि फर्जी जीआईएस का संचालक ही मुख्य आरोपी है। प्रकरण की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना दिनेशपुर के थाना प्रभारी अनिल उपाध्याय को एसआईटी का प्रभारी बनाया गया है।  

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