बाजपुर: बंद पड़ी चीनी मिल की सह इकाई का जल्द होगी शुरू
मंत्रिमंडल ने सुधारीकरण के लिए 29 करोड़ का प्रस्ताव किया पारित
पर्यावरण के मानक पूरे न होने पर प्रदूषण विभाग ने करवा दिया था बंद संचालन के लिए प्रयास करने पर कर्मचारियों-श्रमिकों ने भाजपा नेता को किया सम्मानित
बाजपुर, अमृत विचार। करीब पांच साल से बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल की सह इकाई आसवनी के पुन: संचालन का रास्ता साफ होने जा रहा है। इसकी जानकारी से मिल व आसवनी में कार्यरत कर्मचारियों व श्रमिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जिन्होंने कार्यक्रम आयोजित कर इस कार्य के लिए प्रयास करने वाले भाजपा नेता राजेश कुमार को फूल-मालाएं पहनाकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व गन्ना मंत्री सौरभ बहुगुणा का आभार जताया।
गुरुवार को चीनी मिल अतिथिगृह में मिल व आसवनी इकाई के कर्मचारियों-श्रमिकों ने सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस दौरान भाजपा नेता राजेश कुमार को फूल-माला पहनाकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर राजेश ने कहा कि मेरा प्रयास मुख्यमंत्री व गन्ना मंत्री के सहयोग से आज पूरा हुआ है।
आगे भी चीनी मिल की अन्य समस्याओं के लिए हमेशा संघर्षशील रहूंगा और कर्मचारियों की समस्याओं के निदान के लिए भी प्रयासरत हैं। उन्हें विश्वास है कि बाजपुर की सहकारी चीनी मिल एक अच्छे मुकाम पर पहुंचकर पूरे देश में इस क्षेत्र का नाम स्थापित करेगी।
इस दौरान श्रमिकों की ओर से राजेश कुमार द्वारा किए गए अथक प्रयासों की सराहना की। बताते चलें कि बाजपुर सहकारी चीनी मिल की सह इकाई आसवनी को पर्यावरण के मानक पूरे न होने पर प्रदूषण विभाग ने 23 जनवरी 2017 को बंद करवा दिया था। जिसमें बुधवार को मंत्रिमंडल ने आसवनी के सुधारीकरण को 29 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है।
इस मौके पर आश्वनी प्रबंधक हेमेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य लेखाकार वीरसेन राठी, श्रमिक नेता वासवानंद जोशी, गुरमीत सिंह सीटू, स्नेह विकास, पवन कुमार, राजू पंडित, रामाकांत, जफर, मुकेश शाह, सुनील यादव, परमिंदर सिंह भट्टी, योगेश पिमोली, नाजिम अली, राकेश गुप्ता, अमित चौहान, गुलाम मुस्तफा आदि मौजूद थे।
